बदायूं। 20 दिन में चांदी के भाव में 62 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। सराफा कारोबारियों का अनुमान है कि माह के अंत तक चांदी के भाव अभी और बढ़ सकते हैं। इससे निवेशक सक्रिय हो गए हैं। साल की शुरुआत चांदी के भाव लुढ़कने के साथ हुई थी। एक जनवरी को चांदी 2.39 लाख रुपये प्रति किलो बिकी थी। अब यह 3.1 लाख रुपये पहुंच गई है। इससे बाजार में फिर तेजी आई है। सराफा कारोबारी के मुताबिक, सोने-चांदी का बाजार कभी मंदा नहीं होता।
खरमास में मान्यताओं के चलते लोग गहनों की खरीदारी कम कर देते हैं, पर इस बार बुकिंग जारी रही। मकर संक्रांति से पहले चांदी का भाव 2.49 लाख रुपये थे। इसके अगले ही दिन दस हजार रुपये बढ़े। इसके बाद लगातार भाव बढ़ते ही जा रहे हैं। मंगलवार को चांदी तीन लाख पार कर गई। सराफा व्यापारी सचित वैश्य का कहना है कि चांदी के जेवर की बात करें तो खरीदार हल्के गहने ही खरीद रहे हैं। लेकिन, लगातार चांदी के दाम बढ़ने से निवेशकों ने बाजार पर कब्जा कर लिया। इससे चांदी की मांग बढ़ गई है। यही वजह है कि चांदी के दाम आसमान छू रहे हैं।
सहालग में चांदी के गहनाें की बिक्री तो बढ़ी, लेकिन दाम देखकर लोग कम वजन के आभूषण ही बनवा रहे हैं। उनका कहना है कि अभी चांदी के दामों में गिरावट आने की संभावना नहीं है। जब तक निवेशक चांदी की मांग करते रहेंगे तब तक दामों में कमी आने की उम्मीद कम है।
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चांदी के बर्तन, गहनों के साथ सिल की भी बढ़ी मांग
चांदी के भाव में तेजी को देखते हुए निवेशक सक्रिय हो गए हैं। वर्तमान में बैंकों की एफडी, शेयर मार्केट, एसआईपी से भी कहीं ज्यादा खरा निवेश का जरिया सोना-चांदी है। सराफा कारोबारी प्रमुख वैश्य ने बताया कि लोग चांदी के गहने, बर्तन के साथ ही, सिल की खरीदारी भी कर रहे हैं।
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आमजन से दूर होती जा रही चांदी की चमक
चांदी के दामों में आए रिकॉर्ड उछाल ने मध्यम वर्ग पर सीधा असर डाला है। एक साल पहले करीब 95 हजार रुपये प्रति किलो मिलने वाली चांदी अब तीन लाख रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। बढ़ती कीमतों के चलते चांदी की पायल, बिछिया और अन्य पारंपरिक आभूषण आम लोगों की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं। चांदी के दामों का सराफा बाजार में इसका सीधा असर दिखाई दे रहा है। आभूषणों की बिक्री में कमी आई है, जबकि चांदी को निवेश के विकल्प के रूप में खरीदने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सराफा कारोबारियों का कहना है कि अब ग्राहक आभूषण बनवाने के बजाय चांदी के सिक्के लेना ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं।