इस्लामनगर। पीएचसी में रविवाद रात एक के बाद एक चार नवजात शिशुओं की मौत का मामला शासन तक पहुंच गया है। राज्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण अतुल गर्ग की शिकायत पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव वी हेकाली झिमोमी ने मामले में जांच का आदेश दिया है। अतुल गर्ग ने इस संबंध में कैबिनेट मंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को भी लिखा है। माना जा रहा है कि देर सबेर इस्लामनगर सीएचसी के लापरवाह स्टाफ पर कार्रवाई हो सकती है।
इस्लामनगर पीएचसी में तीन एमबीबीएस डॉक्टर हैं। इसके बाद भी यहां कोई डॉक्टर नहीं रहता। एक रिटायर्ड महिला स्वास्थ्य कर्मी और एक एएनएम प्रसव कराते हैं। रविवार रात चार महिलाओं का प्रसव हुआ। एक के बाद एक चारों के नवजात शिशुओं ने दम तोड़ दिया था। परिवार वालों ने लापरवाही का आरोप लगाया था। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश यादव ने अखबारों की कटिंग के साथ पूरे प्रकरण में शिकायत राज्यमंत्री अतुल गर्ग से की थी। इसके अलावा हिंदू शक्ति संगठन ने भी राज्यमंत्री से इसकी शिकायत की। राज्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए मामले में सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के लिए लिखा। उन्होंने मामले में जांच का आदेश दिया है।
पीएचसी स्टाफ के खिलाफ एफआईआर को तहरीर दी
- क्षेत्र के गांव अलीनगर के जितेंद्र ने भी अपनी गर्भवती पत्नी सुनीता को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। जितेंद्र का आरोप है कि उससे 1500 रुपये वसूल किए गए। उसकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। करीब दो घंटे के बाद बेटे की मौत हो गई। इसके बाद से स्टाफ उस पर समझौते के लिए दवाब बना रहा है। जितेंद्र की ओर से इस्लामनगर थाने में तहरीर दी गई है। इधर, मामले में डीएम कुमार प्रशांत के आदेश पर एसडीएम बिल्सी संजय कुमार भी चार बच्चों की मौत के मामले में जांच कर रहे हैं।