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सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान तब सुनवाई में आई तेजी, सलाखों के पीछे पहुंचा सागर

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बदायूं। पूर्व विधायक योगेंद्र सागर की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल विशेष याचिका भी मामले में जल्द सुनवाई और फैसला आने में अहम रही। दरअसल, पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस प्रकरण में जनपद न्यायाधीश समेत डीएम और एसएसपी को दिशानिर्देश दिए गए थे। मामले की मौजूदा स्थिति जानने के साथ जल्द निस्तारण को भी कहा गया था।
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योगेंद्र सागर को अप्रैल 2014 में नोएडा से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उस वक्त वह फरार घोषित था। वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद शर्मा के मुताबिक बाद में सागर को जिला जज के यहां से जमानत मिल गई थी। वर्ष 2014 में परिवार की याचिका पर हाईकोर्ट ने जमानत खारिज कर दी तो सागर ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत को विशेष याचिका दाखिल की इस पर सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर तो स्टे दे दिया पर इस प्रकरण को अपनी निगरानी में ले लिया था। सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में स्थानीय अदालत की सुनवाई पर नजर रखी जाती थी। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने योगेंद्र सागर की विशेष याचिका और लंबे समय से मिली जमानत पर संज्ञान लिया। इसके बाद जनपद न्यायाधीश, डीएम और एसएसपी को पत्र भेजकर मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगने के साथ ही अक्तूबर माह में ही नतीजा देने को कहा। इसकी प्रतिलिपि पीड़ित पक्ष को भी भेजी गई थी। सुप्रीम कोर्ट की ओर से संज्ञान लिए जाने के बाद स्पेशल कोर्ट एमपी/एमएलए ने सुनवाई तेज की और शनिवार को फैसला सुनाते हुए योगेंद्र सागर को उम्रकैद की सजा दे दी। सुप्रीम कोर्ट में निगरानी की अगली तारीख नौ नवंबर लगी है। शर्मा के मुताबिक स्थानीय अदालत का फैसला वहां प्रस्तुत किया जाएगा।
सागर की सत्ता को चुनौती देने वाले पीसी शर्मा अब जेल में
विधायक योगेंद्र सागर के खिलाफ चले आंदोलन में चर्चित ठेकेदार पीसी शर्मा ने अगुवाई की थी। उन्होंने इसे एक ही समुदाय के दो वर्गों की लड़ाई बनाने का काम किया। स्वजातीय लोगों को योगेंद्र सागर के खिलाफ एकजुट करने के बाद लंबा आंदोलन करने वाले पीसी शर्मा के खिलाफ भी कई मामले दर्ज किए गए। उनको कई बार जेल भी जाना पड़ा। मई 2016 में डीजीसी साधना शर्मा की कार से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पूर्व विधायक योगेंद्र सागर समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया था। हालांकि, इस मामले में विवेचना के दौरान पीसी शर्मा और सुपारी किलर मस्ताना समेत छह लोगों का नाम प्रकाश में आए थे। योगेंद्र सागर को क्लीनचिट मिल गई और पीसी शर्मा जेल में है।
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पीसी ने बिल्सी में तैयार कर ली थी सियासी जमीन
अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म कांड के दौरान पीड़ित परिवार का खुलकर समर्थन कर कई बार जेल गया पीसी शर्मा बिल्सी में अपनी राजनीतिक जमीन भी तैयार करता रहा। पीसी शर्मा 2012 सामान्य विधानसभा निर्वाचन में बिल्सी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट का दावेदार था, लेकिन भाजपा ने सीमा चौहान को प्रत्याशी बना दिया था। पीसी शर्मा ने उस समय कल्याण सिंह की राष्ट्रीय क्रांति पार्टी से चुनाव लड़ा। उसे काफी समर्थन मिला। भाजपा प्रत्याशी से ज्यादा वोट हासिल करने के बाद भी पीसी चुनाव हार गया था।
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