कई बार कर चुके हैं शिकायत
नवादा चौराहे पर बने नाले पर अतिक्रमण हो रहा है। कई बार स्थानीय लोगों ने प्रधान और सचिव को नाले से अतिक्रमण हटवाकर सफाई की मांग की, लेकिन प्रधान व सचिव ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। केवल औपचारिकता पूरी करते हुए नाले के कुछ हिस्से की सफाई करा दी। अधिकारियों को गुमराह करते हुए पूरे नाला सफाई की रिपोर्ट भेज दी। नाला सही से साफ न होने की वजह से नवादा स्थित साईं मंदिर को जाने वाले श्रद्धालुओं को गंदे पानी में होकर मंदिर जाना पड़ता है। अग्निशमन विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों को भी इस पानी से होकर निकलना पड़ता है।
दुकानदारों से हटाना शुरू किया अतिक्रमण
छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को बरेली-मथुरा हाईवे पर जाम लगा दिया। इससे दुकानदारों को एहसास हुआ कि मामला बढ़ सकता है। अधिकारी उनकी अस्थायी अतिक्रमण को तोड़ देंगे। साथ ही उन पर कार्रवाई करेंगे। इससे डर से कुछ दुकानदारों ने अपना अस्थायी अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। हालांकि कई दुकानदार कार्रवाई होने तक का इंतजार करते नजर आए।
दरोगा और प्रधानाध्यापक में हुई बहस
जाम खुलने के बाद में विद्यालय परिसर में पहुंचे प्रधानाध्यापक और चौकी पर तैनात दरोगा में बहस हो गई। प्रधानाध्यापक का कहना था कि अतिक्रमण होने के कारण नाला सही से साफ नहीं हो पा रहा है। ऐसे में नाले का गंदा पानी विद्यालय परिसर में आता है। वहीं दरोगा का कहना था कि नाले पर कोई अतिमक्रण नहीं हो रहा है। नाले से अतिक्रमण हटवा रखा है।
स्कूल के प्रधानाध्याक संजीव शर्मा ने कहा कि बारिश होने पर विद्यालय परिसर में नालों का गंदा पानी आ जाता है। इससे छात्र-छात्राओं समेत विद्यालय स्टाफ को आने जाने में परेशानी होती है। गंदे पानी से होकर निकलने में छात्र-छात्राओं को अगर कोई इंफेक्शन या अन्य कोई परेशानी हुई, तो उसकी जिम्मेदारी किसी की होगी, क्योंकि नाले के गंदे पानी तमाम तरह के कीड़े भी बहकर आ जाते हैं।