बिसौली (बदायूं)। दोगुने दाम पर स्टांप की कालाबाजारी को लेकर वकीलों ने पहले से मोर्चा खोल रखा है। अब एसडीएम ने भी ग्राहक बनकर स्टांप बिक्री के नाम पर हो रही धांधली पकड़ ली। उन्होंने स्टांप विक्रेता का लाइसेंस निरस्त करने की रिपोर्ट भेज दी है।
एसडीएम ज्योति शर्मा के मुताबिक कुछ दिनों से लोग शिकायत कर रहे थे कि स्टांप करीब दोगुने दाम पर दिए जा रहे हैं। मंगलवार को वह तहसील परिसर स्थित एक स्टांप विक्रेता के काउंटर पर स्वयं ग्राहक बनकर पहुंच गईं। एसडीएम ने स्टांप वेंडर से दस रुपये वाला स्टांप मांगा तो उसने वह स्टांप बीस में बेचने की बात कह दी। इस पर एसडीएम शर्मा का पारा चढ़ गया। उन्होंने स्टांप विक्रेता को फटकार लगाई। हालांकि इस दौरान वहां मौजूद एक अधिवक्ता ने एसडीएम को पहचान लिया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। एसडीएम ने बताया कि स्टांप विक्रेता अदीम खां के लाइसेंस को निरस्त की संस्तुति एडीएम प्रशासन को भेज दी है। उन्होंने बताया कि इस विक्रेता की अधिक दामों पर स्टांप बेचने की काफी शिकायतें आ रहीं थीं। एसडीएम की कार्रवाई को जनता ने सराहा है। वहीं दूसरे स्टांप विक्रेताओं में खलबली है।
रायल्टी जमा नहीं की, बिसौली एसडीएम ने भट्ठों पर ध्वस्त कराईं ईटें
बिसौली। रायल्टी जमा न करना क्षेत्र के चार ईंट भट्ठा मालिकों को भारी पड़ गया। एसडीएम ज्योति शर्मा ने नायब तहसीलदार अरुण कुमार के साथ क्षेत्र के गांव भूड़ बिसौली व गांव टोडरपुर में दो-दो भट्ठों की कच्ची व पक्की ईंटों को ध्वस्त करा दिया।
एसडीएम ज्योति शर्मा व नायब तहसीलदार सबसे पहले गांव टोडरपुर स्थित तूफान सिंह व मुन्नी देवी ईंट उद्योग पर पहुंचे। उक्त भट्ठा मालिकान पर रायल्टी जमा न करने का आरोप है। एसडीएम ने भट्ठे पर बड़ी संख्या में मौजूद कच्ची व पक्की ईंटों को तुड़वा दिया। टीम ने इसके बाद गांव भूड़ बिसौली स्थित हाजी हारून व केएम ईंट उद्योग पर धावा बोला। यहां भी रायल्टी जमा न करने के आरोप में टीम ने ईंटों को नुकसान पहुंचाया। प्रशासन की कार्रवाई से भट्ठा मालिकों में खलबली है। संवाद