बदायूं शहर सीट से पूर्व विधायक आबिद रजा समेत हाल ही में बसपा से सपा में शामिल हुए काजी रिजवान, फखरे अहमद शोबी, हाजी रईस, राजीव राज दावेदार थे। प्रत्याशी चयन को लेकर कई दिन चली खींचतान के बाद 24 जनवरी को सपा की ओर से काजी रिजवान का नाम सामने आया था।
बदायूं विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन से एक दिन पहले शहर सीट पर बने संशय को सपा ने खत्म कर दिया है। शहर सीट से हाजी रईस के सपा प्रत्याशी होने की जिला सपा प्रवक्ता ने मेल करके जानकारी दी। शुक्रवार सुबह 11 बजे वह नामांकन कराएंगे। इस दौरान पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव और सपा जिलाध्यक्ष समेत कई सपा नेता मौजूद रहेंगे। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नेतृत्व ने आबिद रजा को तीन दिन से लखनऊ कार्यालय में रोककर भरोसा दे रखा है, वहीं आबिद फैक्टर के चलते ही सपा को दो दिन में प्रत्याशी बदलना पड़ा है।
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शहर सीट से पूर्व विधायक आबिद रजा समेत हाल ही में बसपा से सपा में शामिल हुए काजी रिजवान, फखरे अहमद शोबी, हाजी रईस, राजीव राज दावेदार थे। प्रत्याशी चयन को लेकर कई दिन चली खींचतान के बाद 24 जनवरी को सपा की ओर से काजी रिजवान का नाम सामने आया था। काजी रिजवान के नाम से सपा के प्रदेश अध्यक्ष की ओर से जारी फार्म-7 सी भी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। सपा की अधिकृत वेबसाइट पर काजी का फार्म सेवन आज भी पड़ा है।
सांसद धर्मेंद्र यादव आबिद रजा के टिकट के विरोध में थे
इधर, पूर्व विधायक आबिद रजा भी आजम खां और सलीम शेरवानी से अपनी नजदीकियों के बल पर सपा से टिकट हासिल करने में लगे थे। सूत्रों की मानें तो पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव आबिद रजा के टिकट के विरोध में थे। आबिद रजा और धर्मेंद्र यादव के बीच पुरानी तकरार है। इसी के चलते पार्टी ने काजी रिजवान को प्रत्याशी बना दिया था। हालांकि, उनके नाम की अधिकारिक घोषणा प्र त्याशियों की जारी सूची में नहीं की गई थी।
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काजी रिजवान का नाम सूची में नहीं डाला जा सका
तीन दिन के भीतर गुरुवार को सपा की ओर से हाजी रईस को प्रत्याशी घोषित करने के साथ इसकी आधिकारिक घोषणा भी कर दी गई है। सूत्र बताते हैं कि काजी के नाम का फार्म सेवन सपा की साइट पर पड़ने के बाद से आबिद रजा लखनऊ सपा कार्यालय में ही मौजूद हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें भी आश्वासन दे रखा है। हालांकि, उन्हीं के विरोध के कारण काजी रिजवान का नाम सूची में नहीं डाला जा सका। दोनों के स्थान पर हाजी रईस को प्रत्याशी बनाकर पार्टी ने विरोध टालने की कोशिश की है। बावजूद आबिद चुनाव नहीं लड़ेंगे, इसकी गारंटी नहीं है। उनके नाम से नामांकन पत्र शुक्रवार को खरीद लिया गया है। दरअसल, आबिद रजा और धर्मेंद्र यादव अपनी बात पर अड़े थे। ऐसे में पार्टी नेतृत्व ने बीच का रास्ता चुना है। सपा के मीडिया प्रभारी प्रभात अग्रवाल ने गुरुवार को शहर सीट से हाजी रईस को प्रत्याशी बनाए जाने की अधिकृत पुष्टि की है।
पहला चुनाव लड़ेंगे उद्योगपति हाजी रईस
शहर में काली सड़क पर हरप्रसाद मंदिर के पास रहने वाले हाजी रईस उद्योगपति हैं। वह रसाज ग्रुप के चेयरमैन हैं। लंबे समय से मुंबई में रह रहे हाजी रईस का यह पहला चुनाव होगा। उनकी या उनके परिवार की कोई खास राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है। काफी समय से वह सपा से जुड़े हुए थे। सपा के महाराष्ट्र के नेता अबु आजमी से उनकी नजदीकी बताई जाती है।