गंगा में गुरुवार को नरौरा बैराज से मौसम का सबसे ज्यादा दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़े जाने के बाद तटवर्ती इलाकों में हालात बेकाबू हो गए हैं। बाढ़ का पानी घुसने के साथ बांधों पर तेजी से कटान हो रहा है। गुरुवार को कछला में मीटरगेज पर गंगा का जलस्तर 162.950 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 93 सेमी ऊपर है। गुरुवार को गंगा में नरौरा से 204132 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सहसवान के प्रभावित गांवों का एडीएम ने मोटरबोट से दौरा किया।
पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हुई भारी बारिश का असर जिले में दिखने लगा है। गंगा में उफान आने से उसहैत क्षेत्र में प्रेमी नगला, जटा, ठकुरी नगला, कमलैयापुर, जसवंत नगला, अहमद नगर बछौरा, कदमनगला, दलनगला और रहपुरा गांवों को बाढ़ के पानी ने घेर लिया है। सहसवान के गांव कोतल नगला, तेलिया नगला, तोफीनगला, आसे नगला में भी बाढ़ का पानी घुसने से संपर्क टूट गया है। कई स्थानों पर गंगा काफी तेजी से कटान कर रही हैं। उसहैत, गंगा-महावा और जोरी नगला बांधों पर हालात संवेदनशील बने हुए हैं। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से यहां व्यवस्थाएं की जा रही हैं। गुरुवार को हरिद्वार से 127388 और बिजनौर से 104928 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया।
उसहैत, जोरी नगला और गंगा-महावा तटबंधों पर बाढ़ का पानी टकराने से यहां हालात संवेदनशील हो गए हैं। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बाढ़ चौकियों के साथ प्रशासन भी अलर्ट पर है। तटवर्ती गांवों में एहतियातन ग्रामीणों को सतर्कता बरतने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की मुनादी करा दी गई है। बुधवार को गंगा में एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ जाने के बाद से ही गंगा उफान पर थी। दूसरे दिन दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आने के बाद हालात काफी खराब हो गए हैं।
रामगंगा भी उफान पर, तटवर्ती 15 गांवों को बाढ़ ने घेरा
रामगंगा में उफान के कारण 15 से ज्यादा गांवों को बाढ़ के पानी ने घेर लिया है। यहां भी हालात गंभीर हो रहे हैं। बेलाडंडी के आसपास के गांवों को भी बाढ़ के पानी ने घेर लिया है। बाढ़ के पानी के उपकरण और निर्माण सामग्री डूबने से नगरिया खनू पुल का निर्माण रोक दिया गया है। रामगंगा में कालागढ़ और बरेली बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। गुरुवार को रामगंगा में उफान के कारण तटवर्ती गांवों पट्टी फिजा, नवादा, दबरा, कुड़रा मजरा, हर्ररामपुर, गड़िया, पैगंबरपुर, मौसमपुर, लालपुर, शेरपुर, करकौरा, नौनी टिकन्ना आदि को बाढ़ के पानी ने घेर लिया। यहां सैकड़ों बीघा जमीन और फसलें जलमग्न हो गई हैं। कई गांवों में आस-पास रामगंगा ने कटान भी तेज कर दिया है। बाढ़ का पानी घुसने के कारण कई गांवों का संपर्क भी टूट गया है। बाढ़ खंड की ओर से यहां भी कटान रोकने के प्रबंध किए जा रहे हैं।