बदायूं। उत्तर प्रदेश सरकार धर्मस्थलों को लेकर काफी गंभीर है। कहीं विवाद न हो, इसके लिए धर्मस्थलों से लाउडस्पीकर उतरवा दिए गए या उनकी संख्या सीमित की गई है। इसी क्रम में अब शासन ने एक रिपोर्ट मांगी है, जिसमें जानकारी मांगी गई है कि कौन सा धर्मस्थल किसकी जगह में बना है, या फिर किसने इसके लिए भूमि दान की थी।
जिले के तमाम धर्मस्थल सरकारी जगह पर बने हैं, तो कई धर्मस्थल दान की गई या निजी भूमि पर बनाए गए हैं। इसमें अधिकतर धर्मस्थलों की जमीन का रिकॉर्ड भी नहीं है। शासन के निर्देशों के अनुपालन में अब डीएम के आदेश पर प्रत्येक क्षेत्र में सर्वे शुरू कर दिया गया है। इसके लिए राजस्व विभाग की टीमों को लगाया गया है। टीम गांव-गांव जाकर धर्मस्थलों की नपत करा रही हैं। धर्मस्थल को किसने भूमि दान की थी या फिर पर चंदा करके धर्मस्थल की जमीन को खरीदा गया, किसने धर्मस्थल बनाने के लिए जगह और अनुमति दी, इसकी राजस्व विभाग की टीमें जानकारी जुटा रहीं हैं।
दबतोरी। क्षेत्र के अहरौला, अहरोली, परसिया, ललुआनगला, दबतोरी, लक्ष्मीपुर, संग्रामपुर, दबतोरा, पपंगाव, दौलतपुर आदि गांवों में हल्का लेखपाल ने विभिन्न धार्मिक स्थलों के बारे में पड़ताल की। किसकी जगह में कौन सा धर्मस्थल बना है, उसकी नपत कराई गई।
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धार्मिक स्थलों के संबंध में शासन स्तर से एक रिपोर्ट मांगी गई है। इसके लिए राजस्व विभाग की टीम को लगाया गया है।
- एसपी वर्मा, एसडीएम सदर