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मुफ्त में बूस्टर डोज के लिए भी बुजुर्ग नहीं आ रहे हैं आगे

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सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार को ज्ञापन देने भाकियू अराजनीतिक के पदाधिकारी।संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। कोरोना की बूस्टर (प्रीकाशन) डोज के मामले में बदायूं बुरी तरह से पिछड़ रहा है। प्रदेश स्तर पर बात करें तो बदायूं की रैंक 74 वीं है। टीकाकरण केंद्रों पर मुफ्त में बूस्टर डोज के लिए भी बुजुर्ग आगे नहीं आ रहे। 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को बूस्टर डोज निशुल्क देने की व्यवस्था है, जबकि इस उम्र से कम लोगों को इसके लिए शुल्क अदा करना पड़ता है।
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जिले में 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में बुजुर्गों की बात करें तो जिले में 283,786 बुजुर्गों ने कोरोना का पहला टीका लगवाया है। दूसरी डोज लेने वाले 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों की संख्या 256,817 है। बुजुर्गों को बूस्टर डोज की भी निशुल्क व्यवस्था है, लेकिन अब तक जिले में 11017 बुजुर्गों ने ही बूस्टर डोज ली है। टीकाकरण केंद्रों पर बूस्टर डोज लगवाने के लिए बुजुर्ग पहुंच ही नहीं रहे। दूसरी ओर 60 वर्ष से कम आयु वर्ग में भी लोग बूस्टर डोज के लिए आगे नहीं आ रहे।
दरअसल, 60 वर्ष से कम आयु के लोगों को बूस्टर डोज के लिए 386 रुपये चुकाने पड़ते हैं। बूस्टर डोज के लिए निजी अस्पतालों को भी चिह्नित किया गया है और अब तक निजी अस्पताल इसके लिए आगे ही नहीं आ रहे। ऐसे में बूस्टर डोज मामले में बदायूं तेजी से पिछड़ रहा है।
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बूस्टर डोज में यह है व्यवस्था
हेल्थ वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 साल या इसे अधिक आयु वर्ग के लोगों को सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर फ्री बूस्टर डोज लगाई जा रही है। 12 से 59 साल की आयु वर्ग के लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज फ्री दी जा रही है, लेकिन इस आयु वर्ग में बूस्टर डोज के लिए शुल्क तय गया गया है। शुल्क की वजह से भी लोग बूस्टर डोज नहीं लगवा रहे। दूसरी ओर निजी अस्पताल बूस्टर डोज में सहयोग नहीं दे रहे हैं। इसका सीधा असर टीकाकरण की रफ्तार पर दिख रहा है।
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बूस्टर डोज के मामले में बदायूं की स्थिति अच्छी नहीं है। 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग मुफ्त बूस्टर डोज के बाद भी आगे नहीं आ रहे। प्रदेश में बूस्टर डोज के मामले में बदायूं 74 वें स्थान पर है। टीकाकरण और बूस्टर डोज के लिए निजी अस्पतालों का आगे न आना भी चिंता का विषय है।
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-डॉ. मोहम्मद असलम, एसीएमओ/नोडल अधिकारी टीकाकरण
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