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ईओ के तेवर ही नया फसाना, दातागंज में भ्रष्टाचार पर झगड़ा पुराना

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बदायूं। नगर पालिका दातागंज में विकास कार्यों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। शासन स्तर से जांच में भी भ्रष्टाचार उजागर होने का दावा किया जा रहा है पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। पालिका के सभासदों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ढाई साल पहले जब आवाज उठाई तो विधायक के भाई ने इसमें दम भर दिया था। मामला तब खासा सुर्खियों में रहा था। अब ईओ और विधायक के भाई के बीच ताजा तकरार को भी पुरानी तनातनी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि डीएम दीपा रंजन ने जांच एडीएम प्रशासन ऋतु पुनिया को सौंप दी है।
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दातागंज ईओ सुनील कुमार सरोज ने विधायक राजीव कुमार सिंह के भाई विनय कुमार सिंह पर धमकाने, गालीगलौज करने का आरोप लगाते हुए शासन स्तर पर शिकायत की थी। जानमाल का खतरा बताते हुए दूसरे जनपद में तबादले की मांग की थी। इसके साथ ही दातागंज नगर पालिका में भ्रष्टाचार का जिन्न फिर बाहर आ गया है। दरअसल, अब तक विधानसभा चुनाव थे, अब स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियां शुरू हो रही हैं। इस बीच नगर पालिका चेयरमैन आकाश वर्मा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अंदरखाने चर्चा है कि दातागंज चेयरमैन ने भाजपा प्रत्याशी राजीव कुमार सिंह के चुनाव में दिलचस्पी नहीं ली। इसी कारण विधायक के भाई अब चेयरमैन के विरोधी पक्ष की मदद कर रहे हैं।
यूं तो चेयरमैन आकाश वर्मा भी भाजपा के ही हैं। ऐसे में पार्टी के भीतर ही घमासान को लेकर भी चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। विधायक के भाई ने चेयरमैन के खिलाफ सीधा मोर्चा पहले से खोल रखा है। कहा यह भी जा रहा है कि चेयरमैन के इशारे पर ही विधायक के भाई को निशाने पर लिया गया है।
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मुख्यमंत्री ने लिया था भ्रष्टाचार के आरोपों का संज्ञान
दातागंज नगर पालिका अध्यक्ष आकाश वर्मा के खिलाफ सितंबर 2019 में ही सभासदों ने मोर्चा खोल दिया था। पालिका के 10 से ज्यादा सभासदों ने 25 बिंदुओं पर शासन स्तर पर शिकायत की थी। भ्रष्टाचार के आरोपों संबंधी शिकायत पर मुख्यमंत्री ने जांच के निर्देश दिए थे। प्रमुख सचिव नगर विकास ने मामले की जांच बदायूं में न कराकर बरेली मंडल के कमिश्नर को सौंपी थी। इसके बाद कमिश्नर की टीम ने दातागंज पहुंचकर रिकार्ड खंगालने के साथ लोगों के बयान भी दर्ज किए थे। बताते हैं कि आरोप सही पाए जाने के बाद भी अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। सभासदों ने कैमरा, एलईडी लाइट, डीजल, पाइप लाइन मरम्मत, हैंडपंप रिबोर, दवा छिड़काव, वाटर टैंकर की रंगाई पुताई के नाम पर गोलमाल का आरोप लगाया था।
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ठेकेदारों ने भी खोला था चेयरमैन के खिलाफ मोर्चा
इस विवाद को नगर पालिका में पहले से चल रही सभासदों, ठेकेदारों और चेयरमैन के बीच खींचतान से जोड़कर भी देखा जा रहा है। दरअसल, चेयरमैन के खिलाफ पहले सभासदों ने और बाद में नगर पालिका के ठेकेदारों ने भी अक्तूबर 2020 में मोर्चा खोल दिया था। चेयरमैन पर नियम विरुद्ध भुगतान करने और ठेकेदारों का भुगतान कमीशन न मिलने पर रोकने का आरोप लगा था।
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चेयरमैन बोले- ईओ डिप्रेशन में, उनके साथ गलत व्यवहार की करता हूं निंदा
चेयरमैन आकाश वर्मा ने विधायक के भाई के व्यवहार की निंदा की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह का व्यवहार ईओ के साथ किया गया वह निंदनीय है। किसी को किसी के स्वाभिमान और सम्मान को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है। जांच और दंड का अधिकार न्याय पालिका, शासन और प्रशासन को है न कि किसी व्यक्ति विशेष को है। उन्होंने कहा कि विकास प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। मुझे विकास कराने से कोई नहीं रोक सकता। न मैंने कोई कब्जा किया है और न किसी को करने दूंगा। अगर कोई मामला कोर्ट में है तो उस पर फैसला कोर्ट लेगा।
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विधायक के भाई बोले- जिन पर भ्रष्टाचार साबित हुआ, वही हैं पर्दे के पीछे
विधायक के भाई विनय कुमार सिंह ने कहा कि उनका ईओ से कोई विवाद ही नहीं है, उनसे केवल विकास कार्यों की जानकारी मांगी थी जो एक आम आदमी आरटीआई से भी ले सकता है। दरअसल इस मामले में खेल कोई और कर रहा है। पालिका में भ्रष्टाचार को लेकर सदस्यों ने आवाज उठाई थी। उनके अनुरोध पर मैंने अधिवक्ता के नाते कानूनी मदद कर दी। इसमें शासन स्तर से हुई जांच में आरोप भी साबित हुए। हाईकोर्ट व शासन से कार्रवाई के आदेश हुए पर धरातल पर कुछ नहीं हो सका। जिले के एक बड़े अफसर ने सारी कार्रवाई दबा दीं। जनता सब जानती है, वह खुद दोषियों को जवाब देगी।
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