बदायूं / उझानी। पिछले कुछेक दिनों से सलाद की प्लेट से नीबू नदारद होता जा रहा है। वजह कोई और नहीं, बल्कि इसके भाव में तेजी से इजाफा होना है। हालांकि बढ़े भाव को लेकर व्यापारियों का अलग-अलग नजरिया है। नीबू उत्पादक प्रदेशों में जलवायु परिवर्तन से फसल नष्ट होने की बात ज्यादा कही जा रही है। फुटकर मार्केट में ढाई सौ रुपये प्रति किग्रा से ज्यादा रेट पर बिक रहे अच्छी गुणवत्ता के नीबू पंद्रह रुपये का एक तक मिल रहा है।
विटामिन सी की प्रचुर मात्रा से भरपूर नीबू की मांग गर्मी के दिनों में ज्यादा बढ़ जाती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछेक इलाकों के अलावा महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश, आंध्रप्रदेश, हरियाणा और बिहार में नीबू की खेती होती है। फल वर्गीय फसल के रूप में नीबू सर्वाधिक इस्तेमाल सलाद के साथ किया जाता है। रविवार पूर्वाह्न सब्जी खरीदने निकले साहूकारा मोहल्ला निवासी केशव गर्ग सब्जी मंडी पहुंचे तो नीबू का फुटकर रेट सुनकर दंग रह गए। बताया कि दुकानदार पंद्रह रुपये का एक नीबू दे रहा है, बड़ी मुश्किल से दो नीबू 20 रुपये में मिले। सब्जी विक्रेता सलीम ने बताया कि फुटकर में 260 रुपये प्रति किलोग्राम नीबू बेचना पड़ रहा है। पिछले साल इन दिनों में नीबू करीब डेढ़ सौ रुपये प्रति किग्रा तक ही बिका था। कोरोना काल में डिमांड अधिक होने के बाद भी रेट ज्यादा नहीं बढ़ा लेकिन इस बार महंगाई की मार जबरदस्त पड़ी है।
होटल संचालक कल्लू ने बताया कि ग्राहकों को सलाद के साथ नीबू उपलब्ध कराना आसान नहीं रहा। सलाद की प्लेट में पिछले दिनों तक नीबू का आधा टुकड़ा मिल जाता था लेकिन ग्राहक के कहने पर एक-चौथाई देना भी मुश्किल है। यहां बता दें कि नीबू जिले की छोटी मंडियों में बरेली से पहुंचता है।
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महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से नहीं मिल रही सप्लाई
सबसे ज्यादा नीबू की आवक महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश के इंदौर व आंध्रप्रदेश से होती है। महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश में फसल पर मौसम की मार पड़ी है। वहां से नीबू नहीं आ रहा। केवल आंध्रप्रदेश से आवक हो रही है। इस लिहाज से मांग के मुताबिक आपूर्ति कम होने से दाम बढ़े हैं। मई में आवक बढ़ने से दाम गिर जाएंगे।
- दानिश, थोक व्यापारी, बदायूं मंडी समिति
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महंगा मिल रहा नीबू, कैसे दें सस्ता
नीबू की आवक बाहर से ही कम है। हमें मुश्किल से दो सौ रुपये प्रति किलो मिल पाता है। तब हमें इसे ढाई सौ प्रति किग्रा तक बेचकर मुनाफा निकालना होता है। कुछ नीबू खराब भी निकल आते हैं। पंद्रह रुपये का एक नीबू दे रहे हैं। छोटे दो नीबू बीस रुपये के भी दे देते हैं।
- रिंकू, नीबू व्यापारी, बदायूं मेन सब्जी मंडी
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गर्मी बढ़ी तो फलों के रेट में भी तेजी से इजाफा
इन दिनों सेहत के लिहाज से तरबूज-खरबूज के अलावा ककड़ी ज्यादा मुफीद है। फलों में ही सेब, अंगूर, अनार, संतरा, पपीता आदि के रेट भी बढ़ने लग गए है। तरबूज 30 रुपये तो खरबूजा 70 रुपये प्रति किलोग्राम है। सेब 110 रुपये, अनार सौ रुपये और अंगूर का 60 रुपये प्रति किग्रा है। अनार और सेब का रेट तो 10-15 रुपये प्रति किलोग्राम ही बढ़ा है लेकिन खरबूज काफी महंगा है। फल विक्रेताओं में नईम ने बताया कि खरबूजा और तरबूज आसपास इलाके से आने लगेगा तो दोनों सस्ते मिलेंगे।