ककराला (बदायूं)। सपा के वोट बढ़ाओ बूथ जिताओ कार्यकर्ता सम्मेलन में पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम शेरवानी ने शनिवार को भाजपा पर जमकर निशाना साधा। शेरवानी ने कहा कि भाजपा सरकारी संस्थाओं को बेचने का काम कर रही है।
पूर्व विधायक मुस्लिम खां की ओर से किए सम्मेलन में सपा के दिग्गज नेताओं ने शिरकत की। सपाइयों ने शेरवानी को चांदी का मुकुट पहनाकर स्वागत किया। शेरवानी ने कहा कि दिल्ली में सरकार बनाने से पहले यूपी जीतना होगा। 2022 के विधानसभा चुनाव में अगर प्रदेश में सपा की सरकार बनती है तो 2024 में दिल्ली में सपा सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता।
कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे वोट बढ़वाने में जुट जाएं। पहली प्राथमिकता हर बूथ को जीतना है। कहा कि जीतने वाले उम्मीदवारों को ही पार्टी मैदान में उतारेगी। पूर्व विधायक मुस्लिम खां ने कहा कि मौजूदा सरकार सिर्फ झूठ बोलने का काम कर रही है। सपा जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव, शाद शेरवानी, अजमल खां, जमीर उल्ला खां, विमल कृष्ण अग्रवाल, हाजी नूरुद्दीन, शशांक यादव, राजीव राज, स्वाले चौधरी आदि रहे। सुरक्षा के लिहाज से एसपी सिटी प्रवीन कुमार, सीओ प्रेम कुमार थापा, पुलिस और पीएसी की तैनाती रही।
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शेरवानी ने की आबिद रजा की पैरोकारी
बोले- आजम के जेल से आने के बाद होगी आबिद की सपा में वापसी
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। यहां से पांच बार सांसद रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम शेरवानी सपा में वापसी के करीब एक साल बाद शनिवार को बदायूं पहुंचे। ककराला में सपा के कार्यकर्ता सम्मेलन से पहले वह पार्टी से निष्कासित पूर्व राज्यमंत्री आबिद रजा के आवास पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आबिद के साथ नाइंसाफी हुई तो लड़ाई लड़ेंगे।
पत्रकारों से बातचीत में शेरवानी ने कहा कि भाजपा को सपा ही हरा सकती है। उनकी अखिलेश यादव से बात हुई है। 2022 के चुनाव में सपा को 220 सीटों का आंकड़ा पार करना है। पार्टी ऐसे उम्मीवार उतारेगी जिनका अपना वोट बैंक हैं।
आबिद रजा के टिकट पर उन्होंने कहा कि अगर उन्हें टिकट नहीं मिला तो यह नाइंसाफी होगी। वह आबिद के टिकट को लेकर लड़ाई लडे़ंगे। आबिद की वकालत करते हुए शेरवानी ने कहा कि वह सपा में हैं और आबिद उनके साथ हैं। आबिद आजम खां के भी करीबी हैं और मेरे भी, मेरी सपा में ज्वाइनिंग के समय भी वह सपा में शामिल हो सकते थे, लेकिन आजम खां के जेल में होने के कारण वह नहीं आए। आजम खां के साफ नाइंसाफी हो रही है।
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राजनीति में कोई स्थायी दोस्त और दुश्मन नहीं
आबिद और धर्मेंद्र यादव की तकरार पर शेरवानी ने कहा कि राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनते हैं तो धर्मेंद्र यादव को ज्यादा फायदा है। हम लोग तो मुख्यमंत्री के साथी कहलाएंगे लेकिन धर्मेंद्र मुख्यमंत्री के भाई कहलाएंगे। बड़े लोगों को दिल भी बड़ा रखना चाहिए। शेरवानी से जब उनके बेटे शाद शेरवानी के टिकट के बारे में पूछा गया तो कहा कि अगर पार्टी दोनों को टिकट देती है तो बेहतर होगा। वार्ता के दौरान शेरवानी के साथ उनके बेटे शाद शेरवानी और आबिद रजा भी रहे। संवाद
ककराला में पूर्व मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी की सभा में मौजूद भीड़। संवाद- फोटो : BADAUN