कुंवरगांव (बदायूं)। लाला सियाराम इंटर कॉलेज व सेठ छदम्मीलाल इंटर कॉलेज की करीब 50 छात्राएं बुधवार को कुंवरगांव थाने पहुंचीं। दसवीं व बारहवीं कक्षा की छात्राओं ने यहां पुलिस के कामकाज का तरीका देखा और शिकायत दर्ज कराने से लेकर निस्तारण तक की जानकारी ली। इंस्पेक्टर मनोज कुमार वर्मा ने उन्हें पूरे थाने का भ्रमण कराकर सभी पटलों के काम के बारे में बताया। छात्राओं ने थानाध्यक्ष, सब इंस्पेक्टर व महिला हेल्प डेस्क प्रभारी से कुछ सवाल भी पूछे।
अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान के तहत छात्राओं ने कुंवरगांव थाने का भ्रमण किया। अपने शिक्षक शिक्षिकाओं के साथ आईं छात्राओं का परिसर में पहुंचते ही एसआई रविशंकर ने स्वागत किया। छात्राएं महिला हेल्प डेस्क पर पहुंचीं। डेस्क प्रभारी संगीता देवी ने बताया कि कोई किशोरी या महिला शिकायत दर्ज कराने आती है तो महिला पुलिस ही उनकी समस्या का समाधान करती है।
प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार वर्मा ने हेल्पलाइन नंबरों से अवगत कराया। एसआई रविशंकर ने वायरलेस सिस्टम के साथ ही 1090-वीमेन पावर लाइन, 181- महिला हेल्प लाइन, 108- एंबुलेंस सेवा, 1076- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 112-पुलिस आपातकालीन सेवा, 1098-चाइल्ड लाइन, 102- स्वास्थ्य एंबुलेंस सेवा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कंप्यूटर ऑपरेटर विकास ने बताया कि सीसीटीएनएस पर कैसे काम करते हैं। साथ ही पुलिस द्वारा जारी होने वाले चरित्र व अन्य प्रमाणपत्रों के बारे में जानकारी दी।
थानाध्यक्ष ने बताया कि यहां तहरीर देने के बाद एफआईआर दर्ज होती है। गेट पर खड़ी महिला संतरी को देखकर छात्राओं ने पूछा-यह इतनी देर से ऐसे क्यों खड़ी हैं ? महिला कांस्टेबल ने बताया कि इन्हें संतरी कहते हैं। थाने पर आने वाले हर व्यक्ति से प्रारंभिक जानकारी लेने के बाद अधिकारी को सूचना देने का काम होता है। छात्राओं ने हवालात को भी देखा। करीब घंटे भर भ्रमण के दौरान छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। इंस्पेक्टर ने छात्राओं को विदा करते हुए पूछा कि पुलिस से डर तो नहीं लगता। जवाब आया कि थाने आने के बाद डर दूर हो गया।
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छात्राओं के सवाल, पुलिस के जवाब
सवाल : महिला उत्पीड़न के मामले कैसे निस्तारित होते हैं?
जवाब : तहरीर आने के बाद महिला उत्पीड़न के आपसी विवाद को काउंसिलिंग के जरिये हल कराने का प्रयास करते हैं। अन्यथा एफआईआर दर्ज कर विवेचना की जाती है।
सवाल : कई बार सरेराह अराजक तत्व समूह बनाकर छींटाकशी करते हैं, तब क्या करें?
जवाब : 1090 और 112 पर कॉल कर सूचना दे सकते हैं। आपका नाम गुप्त रखा जाता है। पुलिस पहुंचकर आरोपियों पर कार्रवाई करेगी।
सवाल : मोहल्ले में रात में बहुत तेज आवाज में म्यूजिक सिस्टम बजाया जाता है।
जवाब : इसके लिए डॉयल 112 पर कॉल करें। पुलिस 10 मिनट में पहुंचकर समस्या का समाधान कराएगी।
सवाल : क्या शिकायत करने के बाद थाने आना जरूरी है।
जवाब : नहीं... आप सिर्फ फोन पर सूचना दीजिए पुलिस आपसे मिलकर समस्या का समाधान कर देगी। आपको थाने आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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पुलिस अफसर बनने का सपना
मेरी मां मुझे बहुत मेहनत कर पढ़ा रहीं हैं। हमारा सपना है कि पुलिस अफसर बन सकें और परिवार का नाम रोशन कर सकें। पढ़ने के बाद प्रतियोगी परीक्षा पास कर सपने को पूरा करना है।
- खुशी
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अब पुलिस से डर नहीं लगता
पहली बार थाने में कदम रखा है। पहले पुलिस से काफी डर लगता था। थाने के अंदर आने के बाद बिल्कुल भी डर नहीं लगता है। पुलिस भी हमारे समाज का हिस्सा है।
- मुस्कान
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नया अनुभव मिला
हर व्यक्ति सोचता है कि जीवन में उसे पुलिस के झंझट में नहीं पड़ना पड़े। हमने भी कभी नहीं सोचा था कि थाने का भ्रमण करने का मौका मिलेगा। यह दिन काफी अनुभव देने वाला रहा।
- गौरी शर्मा
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पुलिस का व्यवहार अच्छा
हम पहली बार थाने आए हैं। पुलिस को लेकर जो धारणा है, यहां आकर वह बदल गई। अधिकारियों और कर्मचारियों का व्यवहार काफी अच्छा है।
- अर्चना
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थाना घूमने का मौका मिला
थानाध्यक्ष और महिला पुलिस ने सभी छात्राओं के साथ अच्छे से बात की है। उन्होंने पूरे थाने के बारे में जानकारी दी। सभी कक्षों का भ्रमण भी कराया। सुखद अनुभव रहा।
-प्रियंका
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नई जानकारियां मिलीं
बहुत सी ऐसी बातों की जानकारी मिली, जिसका आमतौर पर लोगों को पता नहीं है। पुलिस पहले जैसी नहीं रही। उसके काम करने का तौर-तरीका बदल गया है।
- फलक