पुलिस ने नहीं की सुनवाई
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस को भी सूचना दी थी लेकिन उसने कोई सुध नहीं ली। इससे गुस्साए तमाम लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से मूसाझाग थाने पहुंचे। आरोप है कि यहां भी पुलिस ने सहयोग नहीं किया। दरोगा ने यह कहकर तहरीर नहीं ली कि इस आयोजन की प्रवष्टि थाने में नहीं है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि मौसमपुर गांव में वर्ष 1960 से यह आयोजन होता आ रहा है।
ग्रामीणों ने थाने में हंगामा किया। पुलिस ने बमुश्किल ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया। इस दौरान गांव के गजेंद्र, नरेंद्र, जगतपाल, नरेश, हेमराज, ब्रह्मपाल, बागेश, दुर्वेश, वीरेश, अशोक, रतिभान, बलवीर, रामवीर और शिवम समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। एसओ शिवेंद्र भदौरिया ने बताया कि यह मामला जानकारी में नहीं है।