बदायूं। लखनऊ की फर्म द्वारा स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्सिंग पर जिले में तैनात रहे कर्मचारियों को लेकर फिर से रस्साकशी शुरू हुई है। जिला अस्पताल में तैनात करीब बारह कर्मचारी बिना मानदेय और जानकारी दिए हटा दिए गए थे। इसकी शिकायत कर्मचारियों ने जनप्रतिनिधियों तक से की। कंपनी के बारे में जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि फर्म को लखनऊ की किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा पूर्व में ही ब्लैक लिस्ट घोषित किया गया था। अब बिसौली, शेखूपुर, बिल्सी विधायक द्वारा फर्म की शिकायत शासन से की है।
बदायूं समेत विभिन्न जनपदों में अवनि परिधि एंड कम्युनिकेशन फर्म द्वारा आउटसोर्सिंग पर कर्मचारियों का रखा गया था। उनके द्वारा ये कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे, जिनका मानदेय कंपनी द्वारा दिया जा रहा था लेकिन बीच में कंपनी की तरफ से मानदेय देना बंद कर दिया गया। फिर कुछ समय कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद इन कर्मचारियों ने अधिकारियों से मानदेय दिलाने की बात कहीं थी, लेकिन उनको मानदेय नहीं मिल पाया था। कर्मचारियों ने कंपनी के बारे पता किया तो पता लगा कि कंपनी को 2018 में लखनऊ की किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। इसके बाद में यह लोग जनप्रतिनिधियों से मिले। जनप्रतिनिधियों ने अपने स्तर से जांच कराई तो गड़बड़झाला सामने आया। इसके बाद में जनप्रतिनिधियों ने शासन से कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। उनका कहना है कि फर्म अवैध तरीके से काम कर रही थी जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है। ऐसे में फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
अवनि परिधि फर्म द्वारा गलत तरीके से नियुक्ति की जा रही हैं, जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है। इसको लेकर शासन से शिकायत की है। ऐसी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। -आरके शर्मा, विधायक बिल्सी
कंपनी के खिलाफ काफी समय से शिकायतें मिल रही थी। मामले की अपने स्तर से जांच कराई, तो शिकायतें सही मिली। इससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है, जो बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसको लेकर शासन को पत्र भेजा है, कि इस फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाए। - धर्मेंद्र शाक्य, विधायक शेखूपुर