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अब शेखूपुर चीनी मिल में बनाया जाएगा बी हैवी शीरा

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बदायूं। शेखूपुर स्थित दि किसान सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड में पहली बार मिल प्रशासन द्वारा बी हैवी शीरा के उत्पादन पर विचार किया गया है। इसे लेकर कायमगंज (फर्रुखाबाद) आसवनी इकाई से की गई वार्ता फाइनल हो गई है। चीनी मिल प्रशासन ने इस सीजन में लगभग एक लाख क्विंटल बी हैवी शीरा उत्पादन करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए चीनी मिल को कायमगंज की आसवनी इकाई से धनराशि मिलेगी, इससे मिल की माली दशा में भी सुधार होगा।
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जिले में दो चीनी मिल हैं। इसमें एक बिसौली स्थित यदु शुगर मिल प्राइवेट लिमिटेड है, जबकि दूसरी दि किसान सहकारी चीनी मिल लिमिटेड शेखूपुर है। इस बार शेखूपुर चीनी मिल ने अपने को अपग्रेड करते हुए यहां पर बी हैवी शीरा बनाने की योजना बनाई है। पहली बार बी हैवी शीरा बनाने के लिए चीनी मिल के ब्वाइलिंग हाउस में आवश्यक आधुनिकीकरण किया जाना है। इसको लेकर चीनी मिल प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आधुनिकीकरण का काम पूरा होने के बाद मिल में नए सत्र में बी हैवी शीरा बनाया जाएगा। बताया जाता है कि चीनी मिल 1.04 लाख क्विंटल बी हैवी शीरा बनाएगी। इससे चीनी मिल को काफी फायदा होगा।
किसानों को भी होगा फायदा, समय से हो सकेगा भुगतान
बदायूं। चीनी मिल प्रशासन का कहना है कि अभी बकाया अदा करने को उन्हें चीनी बेचकर धनराशि एकत्र करनी पड़ती है या फिर बैंक से ऋण लेने के बाद में जो धनराशि मिलती है, उससे किसानों को गन्ना भुगतान किया जाता है। ऐसे में चीनी मिल पर बैंक का ब्याज भी चढ़ता रहता है। अब बी हैवी शीरा बनाने से चीनी मिल को जो मुनाफा होगा, उसकी वजह से चीनी मिल को बैंक से कम धनराशि ब्याज पर लेनी होगी। ऐसे में चीनी मिल पर पड़ने वाला अतिरिक्त भार भी कम हो जाएगा और किसानों का समय से पेमेंट भी हो जाएगा।
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क्या है बी हैवी शीरा
- गन्ने में मिठास सुक्रोज से आती है। मिलों में गन्ने से चीनी बनाने की प्रक्रिया के बाद शीरा बचता है तो शीरे में सुक्रोज न के बराबर बचता है। बी-हैवी शीरा बनाते समय चीनी मिल 15 प्रतिशत सुक्रोज को शीरे में ही छोड़ती है। साधारण शीरे से भी एथेनॉल बनाया जा सकता है लेकिन बी-हैवी शीरे से अच्छी गुणवत्ता का एथेनॉल बनता है।
फैक्ट फाइल
किसानों से गन्ना खरीद-47 करोड़ 55 लाख रुपये
किसानों का बकाया-18 करोड़ रुपये
शेखूपुर चीनी मिल में बना बी हैवी शीरा कायमगंज की आसवनी इकाई को दिया जाएगा। यहां पर इसके माध्यम से एथेनॉल बनाया जाएगा। बी हैवी शीरा देने पर शेखूपुर चीनी मिल को करीब 70 लाख रुपये की आमदनी होगी। - मनोज कुमार, चीफ इंजीनियर, सहकारी चीनी मिल शेखूपुर
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