बदायूं। जिले के परिषदीय विद्यालयों में 27 जनवरी से निपुण आकलन अभियान शुरू किया जाएगा। निपुण भारत मिशन के तहत होने वाला यह आकलन डायट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) के डीएलएड प्रशिक्षुओं की ओर से कराया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता का मूल्यांकन करना है, ताकि यह निश्चित किया जा सके कि बच्चे अपनी कक्षा के अनुरूप आवश्यक शैक्षिक स्तर हासिल कर रहे हैं या नहीं।
जिले के 27 जनवरी से 19 मार्च तक 1760 परिषदीय स्कूलों में निपुण आकलन किया जाएगा। इसके तहत प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों की पढ़ने, समझने, लिखने और गणितीय गणनाओं से जुड़ी क्षमताओं की जांच की जाएगी। आकलन के दौरान बच्चों से प्रश्न पूछे जाएंगे और गतिविधियों के माध्यम से उनकी समझ को परखा जाएगा।
इसके आधार पर यह भी पता लगाया जाएगा कि किन विद्यालयों या कक्षाओं में बच्चों को अतिरिक्त शैक्षिक सहयोग की आवश्यकता है। एक प्रशिक्षु को दो विद्यालयों के आकलन की जिम्मेदारी दी जाएगी। निर्देशों के अनुसार प्रशिक्षु एक दिन में दो विद्यालयों में आकलन कार्य पूरा करेंगे।
इसके लिए समय-सारिणी भी तैयार की जा रही है, ताकि आकलन प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके। बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, निपुण आकलन से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर शिक्षकों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाएगा। जिन विषयों या क्षेत्रों में बच्चे कमजोर पाए जाएंगे, वहां विशेष शिक्षण गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इससे बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को मजबूत किया जा सकेगा। निपुण भारत मिशन का उद्देश्य यह है कि कक्षा तीन तक के सभी बच्चे बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान में दक्ष हो जाएं।