बदायूं। सर्दी दस्तक देने लगी है। दिन के मुकाबले रात का तापमान काफी कम हो रहा है। नवंबर बीतने को है दिसंबर के पहला सप्ताह बीतने के साथ शीतलहर का प्रकोप शुरू हो जाएगा। बेसहारा और गरीबों को खुले आसमान के नीचे सर्द रातें काटनी पड़ रही हैं। शहर समेत जिले भर में अब तक रैन बसेरा तैयार नहीं हुए हैं। रोडवेज परिसर में बने नगर पालिका के टीन शेड के रैन बसेरा में ताले लगे हुए हैं।
जरूरतमंद, राहगीरों, गरीबों और बेसहारा लोगों को सर्दी से बचाने के लिए शहर में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर अस्थायी रैन बसेरा की व्यवस्था की जाती है। नवंबर माह बीत चुका है, तापमान गिरने के साथ रातें सर्द होने लगी हैं, लेकिन अब तक कहीं भी अस्थायी रैन बसेरा की व्यवस्था नहीं हुई है। सर्द रातें काटने के लिए गरीब-बेसहारा लोगों को दुकानों के आगे टिनशेड आदि में रात काटनी पड़ रही हैं। जिला और जिला महिला अस्पतालों में भी रैन बसेरों पर कब्जा है।
जिला अस्पताल में इमरजेंसी की ओर जाने वाले रास्ते पर दो रैन बसेरा हैं। एक पर कर्मचारियों का कब्जा है जबकि दूसरे रैन बसेरा में ताले लगे हुए हैं। यही स्थिति जिला महिला अस्पताल के रैन बसेरों की भी है। जिला और जिला महिला अस्पतालों में भी तीमारदारों को खुले आसमान या फिर यहां-वहां बरामदों में सर्द रातें काटनी पड़ रहीं हैं।
रोडवेज परिसर के रैन बसेरा में व्यवस्थाएं नहीं
रोडवेज परिसर में नगर पालिका ने पिछले वर्ष टीन शेड का अस्थायी रैन बसेरा बनवाया था। यात्रियों और गरीबों के लिए यहां लिहाफ-गद्दा आदि की भी व्यवस्था कराई गई। इस वर्ष अब तक रैन बसेरा का ताला नहीं खुला है। रविवार रात आठ बजे रैन बसेरा का गेट पर ताला लगा मिला।
मंगलवार से चार दिन खराब रहेगा मौसम, छाएंगे बादल
मौसम वैज्ञानिक डॉ. आलोक सागर गौतम के मुताबिक तापमान में गिरावट से रात अभी से काफी सर्द होने लगी है। रविवार को न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम के जानकारों के अनुुसार सोमवार से शुरू होने वाले सप्ताह में करीब चार दिन तक मौसम खराब रहेगा। मंगलवार से चार दिन तक बादल छाए रहने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी हो सकती है। इसके बाद तापमान में और भी गिरावट जाएगी। दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक न्यूनतत तापमान गिरकर आठ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा। ऐसे में रैनबसेरे चालू न हुए तो दिक्कतें और बढ़ सकती हैं।
- प्राइवेट बस स्टैंड के पीछे प्रशासन का स्थायी शेल्टर होम तो हमेशा खुला रहता है। अस्थायी रैन बसेरे अभी शुरू नहीं हो सके हैं। इन्हें जल्दी शुरू करा दिया जाएगा। गरीबों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट