म्याऊं। बिचपुरी के मंदिर परिसर में मंगलवार को श्रीमद्भागवत सप्ताह में कथावाचक रामसिंह शास्त्री ने श्रद्धालुओं को भक्त प्रह्लाद, दानवीर राजा हरिश्चंद्र और भगवान शिव के दिव्य चरित्रों की अद्भुत गाथाएं सुनाईं।
कथावाचक ने भक्त प्रह्लाद की निष्ठा और ईश्वर-भक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि असुर कुल में जन्म लेकर प्रह्लाद ने भगवान विष्णु में अपनी अटूट श्रद्धा बनाए रखी और अंतत: भगवान ने उन्हें नरसिंह अवतार के रूप में प्रकट होकर हिरण्यकश्यप के आतंक से मुक्ति दिलाई। दानवीर राजा हरिश्चंद्र की अमर कथा का वर्णन किया। शास्त्रीजी ने बताया कि सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने वाले हरिश्चंद्र ने अपने राज्य, परिवार और सुख-वैभव का त्याग कर, सत्य को नहीं छोड़ा। उनकी दृढ़ आस्था और त्याग भावना ने सभी श्रद्धालुओं के हृदय को छू लिया। अंत में भगवान शिव के चरित्र का वर्णन हुआ। कथा के दौरान हर हर महादेव और जय श्री हरि के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। संवाद