बदायूं। बंदरों का उत्पात लोगों की जान पर भारी है। नई सराय मोहल्ले में छोटे नाम के बुजुर्ग को सोमवार सुबह छत पर बंदरों के झुंड ने दौड़ा लिया। घबराहट में वह भागे तो छत से नीचे सड़क पर गिर पड़े। गंभीर रूप से घायल छोटे ने बरेली ले जाते समय दम तोड़ दिया। परिवार ने बिना पोस्टमार्टम कराए शव को दफन कर दिया।
साठ वर्षीय छोटे नई सराय मोहल्ले के निवासी थे। वह आटा चक्की के पाट बनाने के मिस्त्री थे। सोमवार सुबह आठ बजे उनकी छत पर बंदरों का झुंड उत्पात कर रहा था। बच्चों के कहने पर वह बंदरों को भगाने छत पर चढ़े कि झुंड ने उन्हें घेर लिया। बंदरों ने छोटे पर हमला किया तो वह जीने की तरफ न जाकर दूसरी दिशा में भागे और छत से बाहर सड़क पर गिर पड़े। सिर के बल गिरने से उन्हें गंभीर चोट लगी। परिवार के लोगों ने फौरन ही उन्हें जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। वहां उन्हें प्राथमिक चिकित्सा दी गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल से बरेली के लिए रेफर किया गया। एंबुलेंस में उन्होंने जफा की कोठी के पास दम तोड़ दिया। परिवार के लोग शव घर ले गए। दोपहर बाद स्थानीय कब्रिस्तान में उनके शव को सुपुर्देखाक कर दिया गया।
छोटे के पुत्र सोहेल ने बताया कि परिवार में वह तीन भाई और तीन बहन हैं। इनमें एक बहन की शादी हो चुकी है। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि बंदरों के उत्पात की वजह से उनके पिता की मौत हो गई। छोटे के पड़ोसी भाकियू नेता नूरूद्दीन ने जिला प्रशासन व पालिका के जिम्मेदारों से मांग की कि अक्सर ऐसे हादसे हो रहे हैं। बंदरों की बढ़ती संख्या व उत्पात पर लगाम लगाई जाए।