उझानी। कुड़ा नरसिंहपुर की मेंथा आयल फैक्टरी भारत मिंट एलाइड एंड केमिकल्स में अग्निकांड के बाद दो दिन से मलबा हटाने का काम चल रहा हैं। मलबा हटाने के दौरान पाइपों से मेंथा ऑयल के रिसाव होने के साथ ही फिर से धुएं के गुबार उठे तो मजदूर सहम गए। ऐसे में क्रेन और जेसीबी के जरिये धीमी गति से मलबा हटाया जा रहा है। आग फिर से न भड़के, इसलिए फायरब्रिगेड टीम की निगरानी में मलबा हटवाया जा रहा है।
मलबा हटा रहे मजदूरों ने बताया कि शुक्रवार रात बॉयलर के पास जाने को रास्ते का मलबा हटा रहे थे, उसी दौरान एक मोटे पाइप में मेंथा ऑयल का रिसाव होने लगा। इससे फिर धुआं उठने लगा तो मजदूर पीछे हट गए और फायर ब्रिगेड की टीम ने उस पर पानी मारा। उसके बाद रात में काम रोक दिया गया। शनिवार की सुबह 10 बजे से मलबा हटाने का काम फिर से शुरू हुआ।
आग बुझने के बाद लोहे के मोटे पाइप, गार्डर, मशीनें, बॉयलर, ड्रम आदि का मलबा पड़ा हैं। दो- तीन स्थानों पर तो मलबा का ढेर 20 से 30 फीट ऊंचा है। मुख्य बॉयलर तक पहुंचने में दो से तीन दिन लग सकते हैं।
प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार मलिक ने बताया कि मलबा के अंदर गरमाहट अभी कम नहीं हुई है। पाइपों के अंदर मेंथा ऑयल भरा हुआ है। रिसाव के दौरान अगर आग लगने के जोखिम को कम करने की कोशिश की जा रही है। तीन-चार दमकल मौके पर मौजूद हैं।
बुधवार रात फैक्टरी में आग लगने के बाद बिचौला टप्पा जामिनी निवासी कर्मचारी मुनेंद्र लापता है। परिजन पहले दिन ही कह चुके हैं कि मुनेंद्र की आग की लपटों में घिर जाने से मौत हो चुकी है।
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बाहर निकाले गए ज्वलनशील गैस के सिलेंडर
फैक्टरी परिसर में 95 फीसदी से अधिक तक आग बुझा ली गई है। शुक्रवार शाम क्रेन की मदद से करीब एक दर्जन सिलेंडर बाहर निकाल लिए गए। इनमें ज्वलनशील गैस बताई गई है। गैस कौन सी है, यह तो मजूदरों और कर्मचारियों ने भी नहीं बताया। परिसर के पूर्वी छोर पर रखे इन सिलेंडर तक आग नहीं पहुंच पाई थी। इन सिलेंडरों को देर शाम तक सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिए जाने की बात कही जा रही है।
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मोबाइल कंपनी के टॉवर की केबल भी जली
फैक्टरी के पास कुड़ा नरसिंहपुर के वीरपाल के घर से करीब दो सौ मीटर दूर मोबाइल टॉवर लगा है। वहां तक आग की लपटें पहुंच गई थीं। आग की लपटों की वजह से टॉवर की केबल जल गई है। कंपनी के सुपरवाइजर ने शनिवार दोपहर बाद मौका मुआयना किया। एक- दो दिन में टॉवर की केबल बदलकर उसे दुरुस्त कर दिए जाने की उम्मीद है। इसके अलावा गांव के ही बारातघर और उसके मैदान में पड़े फैक्टरी के मलबे को भी हटाना शुरू कर दिया गया है। बारातघर की छत पर लगा टैंक बदला जाना है।
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ग्रामीणों ने मांगा फसलों के नुकसान का मुआवजा
फैक्टरी की आग से झुलसी फसलों और आसपास के घरों को हुए नुकसान को लेकर ग्रामीण एकजुट होने लगे हैं। ग्रामीण देवेंद्र मौर्य ने बताया कि धमाके के साथ गांव में गिरे मलबे से वीरपाल और सुरेंद्र के मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। अभिषेक, राममूर्ति और नवल किशोर समेत पांच लोगों की फसलें झुलस गई हैं। उसका मुआवजा मिलना चाहिए। ग्रामीणों ने इसे लेकर राजस्व कर्मियों से भी संपर्क साधा है।
रिवाइज- उझानी में मेंथा फैक्टरी में आग से तबाह पश्चिमी छोर का ढांचा। संवाद