उझानी। मेंथा फैक्टरी में आग लगने के बाद धमाके शुरू हुए तो अफवाह फैली कि परिसर में हाइड्रोजन गैस का टैंकर मौजूद है, वह फटा तो तबाही मचेगी... सच तो यह है कि टैंकर नहीं ट्रक से हाइड्रोजन के गैस के डेढ़ सौ सिलिंडर लाए थे। हादसे से पहले ही उसे बड़े सिलिंडरों में भर दिया गया था। वह भी फट चुके हैं।
फैक्टरी में क्रिस्टल बनाने के लिए हाइड्रोजन गैस का इस्तेमाल होता है। राजस्थान के कोटा से एक ट्रक में हाइड्रोजन गैस के 150 सिलिंडर लाए गए थे। आग लगने से करीब एक घंटे पहले ही उसे बड़े सिलिंडरों में भर दिया गया था। उसके बाद चालक खाली सिलिंडर को लेकर ट्रक को बाहर निकाल रहा था और आग लग गई थी। उसी दौरान चालक आग में घिर गया था और फिर फैक्टरी की दीवार फांदकर वह खेत में कूद गया था। उसी दौरान अफवाह फैली कि परिसर में हाइड्रोजन गैस का सिलिंडर मौजूद है। हाइड्रोजन गैस के खाली सिलिंडरों से लदा ट्रक राख हो गया है। वहीं जिन बड़े सिलिंडरों में हाईड्रोजन गैस रखी गई थी, वह भी फट गए हैंं।