इंदिरा आवास के बिना बने ही रोजगार सेवक ने मजदूरी के रुपये निकाल लिए। इसकी प्रधान द्वारा शिकायत करने पर रोजगार सेवक ने प्रधान से ब्लाक मुख्यालय पर गाली-गलौच किया। इस मामले की जांच सीडीओ ने बीडीओ को सौंप दी है।
विकासखंड के ग्राम शेखूपुरा में मोमीना बेगम पत्नी लियाकत का आवास मंजूर हुआ था, लेकिन मोमीना को आवास की निर्माण सामग्री की धनराशि सत्तर हजार नहीं दी गई है। आरोप है कि रोजगार सेवक ने बिना आवास निर्माण के ही मनरेगा अंतर्गत मजदूरी की धनराशि 14000 रुपये निकाल ली। इसकी जानकारी जब प्रधान तेजेंद्र को हुई, तो प्रधान ने इसकी शिकायत सीडीओ से की तो सीडीओ ने इसकी जांच बीडीओ को सौंपी है। आरोप ये भी है कि जांच का पत्र जैसे ही रोजगार सेवक ने देखा तो उसने ब्लाक मुख्यालय पर ही प्रधान से अभद्रता कर उनको गालियां देनी शुरू कर दीं। प्रधान की शिकायत पर पुलिस ने रोजगार सेवक को हिरासत में ले लिया, इसके बाद छोड़ दिया। इस बारे में रोजगार सेवक ने कहा कि विकास खंड स्तर पर संबंधित क्लर्क की लापरवाही के कारण लाभार्थी के खाते में रकम नहीं पहुंची थी। यह रकम अब 17 फरवरी को लाभार्थी के खाते में पहुंच चुकी है।