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500 मीटर पूरब की ओर रहेगा ककोड़ा मेला, घाट का स्थान भी बदला

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मेला ककोड़ा स्थल सड़क बनाने का काम करते श्रमिक। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। रुहेलखंड के मिनी कुंभ ककोड़ा मेले में गंगा तट पर जमीन समतल करने का काम तेजी से चल रहा है। घाट बनाने के साथ ही सड़कों का काम अंतिम चरण में है। इस बार मेला स्थल पूरब की ओर करीब 500 मीटर बढ़ गया है। गंगा स्नान के लिए घाटों का स्थान भी बदल रहा है। यह भी पूरब की ओर बढ़ाए जा रहे हैं।
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मेला ककोड़ा आयोजन के लिए इस बार देरी से अनुमति मिलने के कारण मेले की तैयारियां भी देरी से शुरू हो सकी हैं। मेला स्थल पर इन दिनों श्रमिकों के साथ जिला पंचायत और अभियंताओं की टीमें भी लगी ह़ुई हैं। शनिवार को गोताखोरों के जरिए गंगा घाट पर गहराई मापने का काम भी पूरा कर लिया गया। दरअसल, इस बार अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में गंगा में बाढ़ के कारण गंगा तट पर अब भी कई स्थान ऐसे हैं जहां पानी भरा होने के साथ मिट्टी काफी गीली है। ऐसे में मेला स्थल को पूरब की ओर 500 मीटर बढ़ाए जाने के साथ गंगा घाट को भी पूरब की ओर बढ़ाया गया है।
मेला स्थल पर इन दिनों सड़कें बनाने का काम तेजी से चल रहा है। 12 नवंबर को झंडी और गंगा पूजन के साथ मेले का औपचारिक आयोजन होना है। इसके बाद 19 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा को मुख्य गंगास्नान है। मेले का आयोजन 26 नवंबर तक होना है। जिला पंचायत को मेला स्थल पर 12 नवंबर से पहले तैयारियों को अंतिम रूप देना है। हालांकि, काफी काम पूरा हो गया है, लेकिन मेला आयोजन का काम देरी से शुरू होने के कारण ऐसा प्रतीत होता है कि 12 नवंबर तक तैयारियां पूरी नहीं हो सकेंगी।
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सड़कों के लिए पतेल, बाउंड्री के लिए नहीं मिल रही सिरकी
मेला ककोड़ा के आयोजन के समय अस्थायी रूप से कच्ची सड़कों का निर्माण किया जाता है। इन सड़कों पर वाहन आसानी से गुजर सकें इसके लिए सूखी पतेल को सड़कों पर बिछाया जाता है। इसके साथ ही मेले में बाउंड्री बनाने के लिए सिरकी का प्रयोग किया जाता है। इस बार मेला आयोजन को लेकर अनिश्चितता बनी रही। इसके साथ ही अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में बाढ़ के कारण कटरी में पानी भरा रहा। ऐसे में अब मेला आयोजन में काम आने वाली पतेल और सिरकी की समस्या हो रही है। ऐसे में जिला पंचायत ने इस बार बाउंड्री निर्माण के लिए खजूर की चटाइयों का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। एमएए जिला पंचायत सत्यपाल का कहना है कि तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जमीन गीली होने के कारण मेले के स्थान में कुछ परिवर्तन किया गया है।
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टू-लेन बनाया जाएगा ककोड़ा मेला रोड, जाम से मिलेगी मुक्ति
बदायूं। ककोड़ा मेले की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। तमाम मजदूर काम कर रहे हैं। कादरचौक-कादरगंज रोड से मेला जाने के लिए दो साइड रोड तैयार किया जा रहा है। इससे मेले के दौरान यहां जाम से मुक्ति मिलेगी। एक साइड वाहनों के आने और दूसरी साइड वाहनों के जाने को बनाई जा रही है।
कादरचौक-कादरगंज रोड से ककोड़ा मेला जाने के लिए अधिकतर रोड तैयार किया जा चुका है। रोड बनाने के लिए कई मजदूर और दो जेसीबी काम कर रहीं हैं। पुआल और मिट्टी डालकर रोड तैयार किया जा रहा है। इस रोड से मेला जाने के बीच एक-दो जगह पानी है। वहां भी मिट्टी और पुआल डालकर पानी सुखाया जा रहा है। जिससे इधर से गुजरते समय वाहन नहीं फंसे। पिछले तीन साल से ककोड़ा मेला जाने को दो साइड रोड बनाया जा रहा है। इससे पहले कादरचौक-कादरगंज रोड से उतरकर श्रद्धालुओं को जाम से निपटना पड़ता था लेकिन तीन पहले ये दो साइड रोड बनाने की योजना बनाई गई। इससे लोगों को जाम का सामना नहीं करना पड़ा। दो साइड रोड के अलावा मेला स्थल से आधा किमी दूर बस स्टैंड बनाया जाएगा। इससे बसें आदि मेला के बाहर ही रोकी जा सकें।
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तीन जगह लगेगा पुलिस का बैरियर
ककोड़ा मेला में पुलिस के तीन बैरियर लगाए जाएंगे। इससे वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा। रुकने वाले मेलार्थियों के लिए जाने का रूट अलग होगा। केवल गंगास्नान करने वाले श्रद्धालुओं का रूट अलग होगा। इससे भी लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी। संवाद
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