बदायूं। उझानी-बदायूं रोड पर बन रहे राजकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की तीन सदस्यीय टीम बुधवार को कॉलेज पहुंची। टीम के सदस्यों ने कॉलेज में ऑपरेशन थियेटर (ओटी), माइनर ओटी, एनआईसीयू, पीआईसीयू, आईसीयू का गहनता से निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने वार्डों में भर्ती मरीजों से भी बात की, साथ ही डॉक्टरों के व्यवहार के बारे में जानकारी हासिल की। उसके बाद में उन्होंने शैक्षिक भवन भी निरीक्षण किया, और एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं से बातचीत की।
गुनौरा वाजिदपुर में निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कॉलेज में बुधवार को शासन से गठित तीन सदस्यीय टीम पहुंची। टीम के पहुंचने की सूचना पर कॉलेज स्टाफ में हड़कंप मच गया। टीम सीधे शैक्षिक भवन में पहुंची। वहां से टीम के सदस्य बंगलुरु के फिजियोलॉजी प्रोफेसर डॉ. कालावथी एल, झालावाड़, राजस्थान के डॉ. केसी मीना व रोहतक के डॉ. एसके सिंघल ने कॉलेज प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह के साथ में कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में ओपीडी, आईपीडी, ऑपरेेशन थियेटर को देखा। साथ ही डॉक्टरों से मरीजों के बारे में जानकारी ली कि उनके द्वारा कितने ऑपरेशन किए जा चुके हैं। टीम ने अभिलेख भी देखे। इस दौरान टीम के सदस्यों से बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
नए सत्र में होने वाले एडमिशन को लेकर की जांच
- इस समय कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष में सौ विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। कॉलेज सूत्रों के अनुसार एमसीआई टीम का सीधा फोकस आगामी सत्र में एमबीबीएस की 100 सीटों पर होने वाले एडमिशन को लेकर है। टीम के सदस्यों ने कॉलेज में उन सभी सुविधाओं को भी देखा, जिनकी आगामी सत्र में एडमिशन होने के बाद में छात्र-छात्राओं को जरूरत पड़ेगी।
अभिलेखों को किया चेक
-एमसीआई टीम के एक सदस्य ने प्राचार्य के कक्ष में बैठकर वहां पर तैनात डॉक्टरों और स्टाफ के बारे में जानकारी ली, साथ ही डॉक्टरों के अभिलेखों की गहनता से जांच की। इस दौरान डॉक्टरों से कुछ सवाल भी पूछे गए।
टीम ने मरीजों से पूछा, कैसा व्यवहार करते हैं डॉक्टर
-जब टीम के सदस्य मेडिकल कॉलेज में वार्डों का निरीक्षण कर रहे थे तो उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से वार्ता की। वार्ड में भर्ती मरीजों ने उन्हें बताया कि यहां पर इलाज बेहतर मिल रहा है, जिससे वे संतुष्ट है। टीम में शामिल सदस्यों ने डॉक्टरों के व्यवहार के बारे में जाना तो तीमारदारों ने बताया कि डॉक्टरों की तरफ से काफी अच्छे से बात की जाती है तथा उनका व्यवहार भी अच्छा रहता है। मरीजों ने यह भी कहा कि सरकारी अस्पताल की तुलना में उन्हें यहां ज्यादा अच्छा महसूस होता है।
एमसीआई से तीन सदस्यीय टीम बुधवार को कॉलेज में चेकिंग के लिए आई है। उन्होंने कॉलेज में आईपीडी, ओपीडी आदि देखा। उनकी ओर से गोपनीय रिपोर्ट बनाई जाएगी, जो वह शासन को सौंपेंगे। हालांकि हमारी तरफ से एमसीआई के मानक के अनुरूप जो पैरामीटर चाहिए होते हैं, वह पूरे हैं।
-डॉ. आरपी सिंह, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज