बदायूं। चार महीने में सेवानिवृत्त तीन कर्मचारियों की आर्थिक तंगी और इलाज के अभाव में मौत के बाद चीनी मिल फेडरेशन के एमडी ने संज्ञान लिया है। सहकारी क्षेत्र की शेखूपुर चीनी मिल प्रबंधन से रिपोर्ट तलब की है। यह भी निर्देश दिए हैं कि आर्थिक तंगी के कारण अब किसी कर्मचारी की मौत न हो। इधर, बकाया भुगतान की मांग को लेकर रिटायर्ड कर्मचारियों का मालवीय आवास पर धरना बुधवार को भी जारी रहा।
शेखूपुर चीनी मिल के 125 ऐसे कर्मचारी हैं जिनको सेवानिवृत्त हुए तीन या इससे ज्यादा वर्ष हो चुके हैं। अब तक इन कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले देयकों का भुगतान नहीं किया गया है। लंबे समय से भुगतान की मांग को लेकर कर्मचारी आंदोलित हैं। कई कर्मचारियों की जान भी जा चुकी है। हाल के ही चार महीने में आंदोलनरत तीन कर्मचारियों की इलाज के अभाव में मौत हो गई। सोमवार रात नेकपुर गली नंबर एक के रहने वाले हेतराम की मौत के बारे में कर्मचारियों को पता लगा तो उनका गुस्सा फूट गया। काफी संख्या में कर्मचारी एकत्र होकर हेतराम के घर पहुंच गए। माहौल और कानून व्यवस्था खराब न हो इसके मद्देनजर पुलिस भी पहुंच गई। किसी तरह से समझाकर सभी को शांत किया। इसके बाद मिल प्रबंधन ने हेतराम में कुल करीब नौ लाख के बकाया में से तीन लाख का भुगतान भी कर दिया।
चार महीने में तीन कर्मचारियों की मौत के बाद फेडरेशन के एमडी ने मिल के जीएम से रिपोर्ट तलब की है। ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार करने को भी कहा है जो बीमार हैं। स्थानीय स्तर से मिल के जीएम ने रिपोर्ट एमडी को भेज दी है। इधर, देयकों की मांग को लेकर रिटायर्ड कर्मचारियों ने बुधवार को 24वें दिन भी मालवीय आवास पर धरना दिया। बुधवार को भी धरना स्थल पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। धरने में मुन्नी देवी, जरीना बेगम, नसीर खां, विनोद कुमार सिंह, मुन्नालाल, ओमभान सिंह, कृष्णपाल, अतीक अहमद, विनोद कुमार सिंह आदि शामिल हुए।
- फेडरेशन के एमडी ने संज्ञान लिया है। उनको रिपोर्ट भेज दी गई है। हेतराम के परिवार को कुल बकाया में से तीन लाख का भुगतान कर दिया गया है। जो कर्मचारी बीमार हैं उनकी सूची बनाने का काम किया जा रहा है। मिल कर्मचारियों को जल्द पूरा भुगतान हो जाए इसके लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। - राजीव रस्तोगी, जीएम शेखूपुर मिल