शहर के बिरुआबाड़ी मंदिर। संवाद
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बदायूं। महाशिवरात्रि से पहले शिवालयों में साफ सफाई का दौर शुरू हो गया है। शहर में पथिक चौक से बरेली रोड पर स्थित बिरुआबाड़ी शिव मंदिर की विशेष मान्यता है। मंदिर में शिवरात्रि की सुबह से लेकर 24 घंटे तक विशेष आयोजन होने हैं, इनके लिए खास तैयारी की जा रही हैं।
मंदिर के महंत अभिमन्यु पांडेय का परिवार कई पीढ़ियों से यहां सेवा में लगा है। करीब 40 साल से महंत का काम देख रहे अभिमन्यु पांडेय ने बताया कि मंदिर दो सौ साल से ज्यादा पुराना है। मान्यता है कि जहां मंदिर है वहां घना बाग हुआ करता था। बिरुआ नाम के माली ही इसके मालिक और संरक्षक थे। उन्हें कई बार सपने में भगवान शिव दिखे और कहा कि जहां तुम सो रहे हो, मैं उसके नीचे हूं। लगातार सपना आने के बाद जब उन्होंने फावड़े से खोदाई की तो टन की आवाज आई। निकाला तो वहां शिवलिंग था। मुख्य मंदिर में स्थापित इस शिवलिंग के ऊपर आज भी फावड़े का निशान है। बताया कि माली ने अपना बगीचा मंदिर को दान कर मंदिर बनवा दिया। बाद में शहर के प्रतिष्ठित हरसहायमल व श्यामलाल परिवार ने इसके सौंदर्यीकरण का काम कराया जो आज भी जारी है। शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में इसका नाम है। महाशिवरात्रि पर कांवड़ियों के आश्रय का यह प्रमुख स्थान है। गंगाजल लाकर भक्त यहां जलाभिषेक करेंगे।
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मंदिर में 24 घंटे होंगे कार्यक्रम
महंत ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन शिव विवाह भी हुआ था। मंदिर में मंगलवार सुबह साढ़े चार बजे से जलाभिषेक होगा। यह दोपहर साढ़े बारह बजे तक चलेगा। इसके बाद भगवान भोले व माता गौरी का शृंगार होगा। शाम छह बजे से मंदिर शृंगार दर्शन को खोला जाएगा। साढ़े छह बजे भोग लगेगा व सात बजे शृंगार आरती की जाएगी। रात साढ़े दस बजे से चार पहर की पूजा शुरू होगी जो सुबह साढ़े चार बजे तक चलेगी। मंदिर में बरसों से इस पूजा का आयोजन किया जा रहा है। संवाद