आग बुझाए जाने के बाद मेंथा फैक्टरी से मलबा हटाती क्रेन। संवाद
- फोटो : बिधूना में बेला रोड पर किरतपुर के पास सड़क किनारे मौरंग उतारता वाहन।
उझानी। मेंथा ऑयल फैक्टरी में लगी भीषण आग में एक मजदूर की मौत हो गई। तीसरे दिन मलबे को हटाकर उसका शव ढूंढा गया लेकिन नहीं मिला। आग पर काबू पाने के बाद नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। फैक्टरी मालिक ने बताया कि करीब 100 करोड़ नुकसान हुआ है।
कुड़ा नरसिंहपुर स्थित फैक्टरी में बुधवार रात आंधी के दौरान बॉयलर गिरने के करीब आधा घंटे बाद आग लग गई थी। पांच दमकल की मशक्कत से आग पर 20 घंटे बाद काबू पाया गया। तीसरे दिन मलबा हटाने के दौरान भी धुआं उठता रहा। आग फिर न भड़के, इसलिए दमकल कर्मियों ने करीब दो घंटे तक पानी की बौछार भी मारी। आपात स्थिति के मद्देनजर परिसर और उसके आसपास दमकल की पांच गाड़ियां खड़ी रही।
मुजरिया क्षेत्र के बिचौला निवासी राजेंद्र ने पुलिस को लिखकर दिया था कि फैक्टरी के अंदर उसके भाई मुनेंद्र की जलकर मौत हो गई। उसकी शिकायत के बाद शुक्रवार को फैक्टरी परिसर से मलबा हटाकर शव ढूंढने का प्रयास किया गया। गार्डर और क्षतिग्रस्त पाइपों समेत भारी अन्य सामान को क्रेन से और लकड़ियों के ढेर को जेसीबी से हटवाया गया। लोहे के खाली ड्रम भी बाहर निकाले जा रहे हैं। सुरक्षा और हंगामा के मद्देनजर फैक्टरी के दोनों मुख्य द्वार पर पुलिस बल को तैनात किया गया है। फैक्टरी मालिक मनोज गोयल के पिता सराफ ब्रजेंद्र गोयल ने बताया कि उनका 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि हादसे से चार दिन पहले ही बीमा समाप्त हो गया है।
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फैक्टरी गेट पर डटा रहा मुनेंद्र का परिवार
मुनेंद्र के भाई गजेंद्र ने बताया कि बॉयलर और उसके आसपास से मलबा हटाए जाने के दौरान उनके परिजनों को वहां पर रहने की इजाजत दी जानी जाय, जिससे वह कंकाल को ही देख सकें। मुनेंद्र का परिवार शुक्रवार को फैक्टरी गेट के पास ही डटा रहा।
आग बुझाए जाने के बाद मेंथा फैक्टरी से मलबा हटाती क्रेन। संवाद- फोटो : बिधूना में बेला रोड पर किरतपुर के पास सड़क किनारे मौरंग उतारता वाहन।
आग बुझाए जाने के बाद मेंथा फैक्टरी से मलबा हटाती क्रेन। संवाद- फोटो : बिधूना में बेला रोड पर किरतपुर के पास सड़क किनारे मौरंग उतारता वाहन।