फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएसएफ जवान को नम आंखों से दी अंतिम विदाई

विज्ञापन
बीएसएफ जवान की अंतिम यात्रा में जुटे ग्रामीण। संवाद। - फोटो : BADAUN
विज्ञापन
उझानी (बदायूं)। छह फरवरी को सड़क हादसे में घायल बीएसफ के जवान मुनेंद्र पाल सिंह यादव की सोमवार तड़के दिल्ली में मौत हो गई थी। उनका शव देर रात यहां पैतृक गांव भिलौलिया लाया गया तो ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। गांव में ही मुनेंद्र का सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन

मूल रूप से बिल्सी क्षेत्र के गांव भिलौलिया निवासी मुनेंद्र पाल सिंह (40) उझानी के अहीरटोला मोहल्ले में रहते थे। दिल्ली के आरके पुरम यूनिट में तैनात मुनेंद्र छह फरवरी को निजी कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान घने कोहरे में बाईपास पर खड़े ट्रक से उनकी कार भिड़ गई। मुनेंद्र को पहले बदायूं फिर बरेली में भर्ती कराया गया था लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें दिल्ली के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। सोमवार देर रात मुनेंद्र का शव लेकर बीएसएफ की गाजियाबाद यूनिट के एसआई विक्रम नियोग और हवलदार लोकेंद्र सिंह फौजदार के नेतृत्व में 11 जवान भिलौलिया पहुंचे। साथी जवानों ने शोकाकुल परिवार के लोगों को सांत्वना दी। मुनेंद्र की शवयात्रा गांव में ही निकली। उनके पैतृक खेत पर सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि बेटे सुधीर ने दी। अंतिम संस्कार के दौरान ही बीएसएफ जवानों ने पहले फायर किए फिर शस्त्र झुकाकर विदाई दी। पुलिस की ओर से रिसौली चौकी इंचार्ज इंद्रदेव सिंह ने पुष्पचक्र अर्पित किया।
-
हर शनिवार को घर लौट आते थे मुनेंद्र, चार संतान में इकलौता है बेटा
बीएसएफ जवान मुनेंद्र पाल सिंह की दिल्ली स्थित आरके पुरम यूनिट में जिस समय तैनाती हुई, उसी दौरान से वह प्रत्येक शनिवार को घर लौट आते थे। कई महीनों तक वह रोडवेज बस से आते थे लेकिन कार खरीदने के बाद उसी से आने-जाने लगे थे। उस दिन भी मुनेंद्र कार ड्राइव कर रहे थे। मुनेंद्र के करीबियों में रवेंद्र सिंह और ध्रुव यादव ने बताया कि मुनेंद्र की पत्नी कृष्णा देवी, बच्चों में पूनम सबसे बड़ी है। सुधीर, दीक्षा और प्रतीक्षा भी पढ़ाई कर रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें