उझानी/कछला (बदायूं)। दुर्गा प्रतिमा विसर्जित करने के दौरान शुक्रवार को गंगा में बहे चार लोगों में कुणाल शर्मा का शव रविवार सुबह मिल गया। पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराकर उसके परिवार को सौंप दिया। बाकी तीन लोगों की तलाश में पूरे दिन गोताखोर और अन्य लोग जुटे रहे। सहयोग के लिए बरेली से राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की 10 सदस्यीय टीम भी मौके पर पहुंच गई।
बरेली से टीम इंचार्ज महेंद्र नाथ के साथ गंगाघाट पहुंचे एसडीआरएफ के जवानों ने सबसे पहले शुरू से ही तलाशी अभियान में जुटे गोताखोरों से जानकारी ली। बाद में मोटरबोट के जरिए कादरचौक क्षेत्र से तीन-चार किमी आगे तक बहे लोगों की तलाश की। इससे पहले कछला निवासी गोताखोर सुखपाल कश्यप की सुबह साढ़े आठ बजे गंगा में उतराते एक शव पर नजर पड़ी। शव बाहर निकालने पर उसकी शिनाख्त पिता बृजेश शर्मा ने कुणाल शर्मा के रूप में की। शव फूल चुका था, शव वहीं पर मिला जहां प्रतिमा विसर्जित की गई थी। कोतवाली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। बाद में कुणाल के परिवार वाले शव लेकर फिरोजाबाद चले गए।
यहां बता दें शुक्रवार को दिन में दुर्गा प्रतिमा विसर्जित करने के दौरान फिरोजाबाद जिले के नारखी थाना क्षेत्र के बछगांव निवासी दीपक गुप्ता, राहुल शर्मा उर्फ रामू, कुणाल शर्मा और भोला बह गए थे। बहे लोगों का सुराग न लगने पर परिवार वालों ने शनिवार को बरेली-मथुरा हाईवे पर जाम लगाने की कोशिश भी की थी। इधर, रविवार को घाट पर सीओ बिल्सी, थानाध्यक्ष कादरचौक और मुजरिया के साथ अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात रहा। प्रभारी निरीक्षक बिजेंद्र सिंह ने बताया कि निजी, पीएसी और एसडीआरएफ के गोताखोर पूरी मुस्तैदी से खोजबीन में जुटे हुए हैं।
बहे युवकों के परिवार ने लगाई थी एसडीआरएफ बुलाने की गुहार
तीन दिन पहले गंगा में बहे चार युवकों के परिवार वालों ने शनिवार को मांग की थी कि जब पीएसी और निजी गोताखोरों को सफलता नहीं मिल पा रही है तो एनडीआरएफ या फिर एसडीआरएफ को खोजबीन में लगाया जाए। इसके बाद सीओ गजेंद्र सिंह क्षोत्रिय ने अफसरों को पूरी वस्तुस्थिति से अवगत कराया था। शाम को डीएम, एसएसपी समेत कई अफसर गंगाघाट पर पहुंचे थे।
एसडीआरएफ की टीम में 10 सदस्य हैं। सभी तलाशी अभियान में लगे हैं। पुलिस, पीएसी और एसडीआरएफ की पहली प्राथमिकता गंगा में बहे लोगों को तलाश करना है। बहे लोगों के परिवार वालों को गंगाघाट के पास एक धर्मशाला में ठहराया गया है।
- गजेंद्र सिंह क्षोत्रिय, सीओ