बदायूं। रुहेलखंड के मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध ककोड़ा मेले में तंबुओं का अस्थायी शहर लगभग आकार ले चुका है। मिनी कुंभ के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 14 वाच टॉवर और 14 अतिरिक्त चौकियां बनाई गई हैं। गंगा में निगरानी के लिए नाव लगा दी गई हैं। इसके साथ ही चौबीस घंटे घोषणा की व्यवस्था भी की गई है।
ककोड़ा मेले में देवोत्थान एकादशी से कल्पवास करने के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। गंगा की वीरान रहने वाली कटरी में अब लगभग तंबुओं का अस्थायी शहर बस गया है। मुख्य गंगा स्नान 19 नवंबर को है। इससे पहले 18 नवंबर को ककोड़ा मेले का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। कुर्मी समाज का मेला लगभग गंगा तट पर पहुंच चुका है। खेल-तमाशों के साथ, दुकानें, सर्कस, झूला आदि भी पहुंच गए हैं। खैराती बाजार, हलवाई बाजार और मीना बाजार भी सजकर लगभग तैयार हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर अब भी काम चल रहा है। मेला स्थल पर लाइटिंग और सजावट के साथ वीआईपी टेंट लगाने का काम भी पूरा हो गया है। गंगा तट पर अब दिन भर रौनक है। रात के वक्त गंगा तट सजावट से जगमगाने लगा है।
मेला स्थल पर सिरकी के काम अब भी पूरे नहीं हो सके हैं। इसके लिए खजूर की चटाई से काम चलाया जा रहा है। सभी मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की गई है। मेला में एनाउंस के लिए कई ई-रिक्शा लगाए गए हैं। इसके अलावा गंगा घाटों पर लोगों को चेतावनी देने के लिए भी चौबीस घंटे एनाउंस की व्यवस्था की गई है।
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डीएम, एसएसपी ने पहले मेला स्थल देखा, फिर नाव से किया निरीक्षण
डीएम दीपा रंजन और एसएसपी ओपी सिंह ने सोमवार को ककोड़ा मेला पहुंच कर व्यवस्थाओं को देखा। मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगे अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। स्नानार्थियों को जागरूक करने के लिए मेला स्थल पर की गईं व्यवस्थाओं के बारे में जाना। डीएम ने चेताया कि चौबीस घंटे गंगा घाटों की निगरानी की जाए। गहराई वाले इलाकों में नावों के जरिए चौकसी बरती जाए। एसएसपी ओपी सिंह ने मेला कोतवाली, फायर स्टेशन का निरीक्षण कर यहां किए गए सुरक्षा बंदोबस्त के बारे में जाना। गंगा घाटों पर मजबूत बेरिकेडिंग कराने के निर्देश भी संबंधितों को दिए।
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पूर्व एमएलसी ने मेला स्थल पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया
जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव के पति पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव ने एसडीएम सदर केपी वर्मा और अन्य अधिकारियों के साथ सोमवार को मेले में पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। मेला स्थल का पैदल भ्रमण कर उनको जो भी अव्यवस्थाएं नजर आईं उनका अपने सामने ही निस्तारण कराया। मेला पहुंचे दुकानदारों से भी बात की और व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। गंगा घाट पर महिलाओं को स्नान के लिए पर्याप्त टिन शेड लगाने के निर्देश जिला पंचायत के अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कुछ स्थानों पर गंगा में गहराई वाले स्थानों पर बल्लियां नहीं लगाई गईं हैं इस पर उन्होंने तत्काल प्रबंध करने के निर्देश दिए।
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मेला ककोड़ा में खेल मैदान तैयार, प्रतियोगिताओं पर स्थिति साफ नहीं
मिनी कुंभ मेला ककोड़ा में विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए खेल मैदान बनकर तैयार हो गया है। हालांकि, यहां इस बार कौन-कौन से खेल होंगे इसको लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। यहां बता दें कि मेला ककोड़ा में कबड्डी, खो-खो, घुड़दौड़, हाथी दौड़ आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन होता था। घुड़दौड़ और हाथी दौड़ प्रतियोगिता कई वर्ष से नहीं हो रही है। पिछले वर्ष मेले का आयोजन कोरोना संक्रमण के कारण नहीं हो सका था। इस वर्ष मेले का आयोजन तो हो रहा है, लेकिन खेल प्रतियोगिताओं को लेकर स्थिति साफ नहीं हो सकी है। संवाद
मेला ककोड़ा में नाव से गंगा का निरीक्षण करतीं डीएम दीपा रंजन, एसएसपी ओपी सिंह। संवाद- फोटो : BADAUN