जोगीपुरा में काव्य गोष्ठी में कविता पाठ करते कवि। स्रोत-स्वयं
बदायूं। पहलगाम के कृत्य से, खून रहा है खौल, भारतवासी एक हैं अलग-अलग मत तौल। यह पक्तियां कवि अशोक खुराना ने जोगीपुर में आयोजित काव्य गोष्ठी के दौरान सुनाई। पहलगाम में हुई आतंकी घटना में मारे गये पर्यटकों को कवियों ने श्रद्धांजलि दी।
समर बदायूंनी ने पढ़ा- दिल का हमारे कोई भी खाना नहीं खाली, हम अपने दिल के हर खाने में हिन्दुस्तान रखते हैं। षटवदन शंखधार ने पढ़ा पहलगाम में जो हुआ उससे सब नाराज, भेद भाव सब त्यागकर एक मंच पर आज। अहमद अमजदी ने पढ़ा- शब्दों में किस तरह से बयां अपना दुख करूं, मारा गया मुझे है मेरा नाम देखकर। कवि कामेश पाठक ने पढ़ा- करके कुकर्म अब पाक तू नापाक रहा। पाक बनने को भी पवित्र होना चाहिए। शैलेंद्र मिश्र देव ने पढ़ा- हाथ में कटोरा किंतु पीठ पर वार करे, पाक की यह हरकत अति नापाक है। इनके अतिरिक्त सुरेंद्र नाज़, खालिद नदीम आदि ने काव्य पाठ किया। गोष्ठी का संचालन कवि पवन शंखधार ने किया गया। अध्यक्षता वरिष्ठ शायर खालिद नदीम ने की। आरंभ राजवीर सिंह तरंग ने सरस्वती वंदना पढ़कर किया।