बदायूं। तीन साल पहले पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में नामजद पति को फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश सारिका गोयल ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने मुजरिम को सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही मुजरिम पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है।
उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव कांसपुर निवासी वादी मुकदमा विनोद पुत्र सुखपाल सिंह ने 22 मई 2018 को रिपोर्ट लिखाई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उसकी बहन नीरज के पति की मृत्यु होने के बाद उसकी शादी धीरपाल पुत्र विजेंद्र सिंह निवासी ग्राम अहिरवारा थाना उझानी के साथ हुई थी। उसकी बहन के ससुराल वाले दहेज लाने को प्रताड़ित करते थे और अतिरिक्त दहेज में एक लाख रुपये लाने का दबाव बनाते थे। 22 मई 2018 को एक व्यक्ति ने वादी मुकदमा को फोन पर सूचना दी कि उसकी बहन नीरज की फंदे पर लटका कर हत्या कर दी गई है। पुलिस ने विवेचना के बाद धीरपाल के खिलाफ आत्महत्या को उकसाने के मामले में चार्जशीट दाखिल की। फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश सारिका गोयल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया।
अभियोजन की ओर से एडीजीसी ओमपाल कश्यप और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद आरोपी धीरपाल को दोषी ठहराया। कोर्ट ने धीरपाल को सात साल की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।