बदायूं। गुर्दे की पथरी के ऑपरेशन के 19वें दिन मंगलवार को होमगार्ड की मौत हो गई। परिजनों ने सिविल लाइंस क्षेत्र के इंदिरा चौक स्थित रामा हॉस्पिटल के डॉक्टर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया है।
अलापुर थाना क्षेत्र के जगत गांव निवासी जगदीश चंद्र (52) होमगार्ड थे। वह अलापुर थाने में ड्यूटी किया करते थे। परिजनों के मुताबिक, गुर्दे में पथरी की समस्या के चलते उन्हें 22 जुलाई को रामा नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। 23 जुलाई को 70 हजार रुपये में ऑपरेशन हुआ। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें घर ले जाने और घर पर ही पट्टी कराने की बात कही।
परिजनों के अनुसार, घर ले जाने के बाद वह लगातार पट्टी करवाते रहे। सोमवार को अचानक जगदीश चंद्र की हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें लेकर दोबारा हॉस्पिटल पहुंचे। वहां उपचार के दौरान मंगलवार सुबह उनकी मौत हो गई। मरीज की मौत पर परिजनों में आक्रोश फैल गया।
लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल संचालक की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद होमगार्ड की मौत की पुष्टि कर दी।
पहले भी विवादों में रहा है अस्पताल
परिजनों का आरोप है कि हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मरीजों की मौत के मामले अक्सर सामने आते रहे हैं। पिछले सप्ताह भी ऑपरेशन के दौरान एक मरीज की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा हुआ था। जगदीश चंद्र की मौत के मामले में पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
होमगार्ड की मौत के मामले में सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने तीन सदस्यीय टीम बनाई है, जो घटना की जांच करेंगी। टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम में एसीएमओ डॉ. श्रीमोहन झा, डिप्टी सीएमओ डॉ. तहसीन, डिप्टी सीएमओ डॉ. पवन जायसी को शामिल किया गया।
रामा हॉस्पिटल में होमगार्ड की मौत होने की जानकारी मिली है। तीन सदस्यीय टीम मामले की जांच करेगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ