बदायूं। गोशालाओं में गोवंशों की देखरेख में घोर लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि एनजीओ ने गोवंशों को न सिर्फ भूखा रखा, बल्कि उनका इलाज तक नहीं कराया। दो दिन से ग्राम पंचायत बादल और ग्राम पंचायत पेपल में एनजीओ के अधीन संचालित गोशालाओं में कोई केयरटेकर तक नहीं मिला। दोनों में 14 पशुओं की मौत होने और अन्य गोवंशाें के बीमार होने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने एनजीओ बीएनके ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज खेड़ा नवादा और दानवीर जनकल्याण समिति से गोशालाओं का जिम्मा छीन लिया है। गोशालाओं की जिम्मेदारी प्रधानों को दी गई है।
ग्राम पंचायत बादल में नौ गोवंशों की मौत और उनके शवों के पड़े होने का वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर दुर्दशा देखी और जिम्मेदारों पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने बीडीओ नितिन कुमार के सामने आरोप लगाए थे कि गोशाला में साफ-सफाई, चारा-पानी और चिकित्सा की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे एनजीओ की गोशाला में घोर अनियमितताएं सामने आईं।
जिम्मेदार अधिकारी ने की पर्दा डालने की कोशिश
जिम्मेदार अधिकारी मामले पर पर्दा डालने में जुटे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारी नौ गोवंशों को दफनाने के लिए गोशाला से ले गए थे, लेकिन पोस्टमॉर्टम तीन का ही हुआ। बाकी छह का क्या हुई। उसमें भी पूरी घटना पर पर्दा डालते हुए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया कि दो गोवंशों की मौत आपसी संघर्ष में और एक की पेट फूलने से मौत हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि लापरवाही के कारण गोवंशों की मौत हुई है। शव कई दिन तक सड़ते रहे। लोगों ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने एक दिन के भूसे की व्यवस्था की, प्रधान और सचिव संभालेंगे गोशाला
- ग्रामीण बोले- पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र पर एनजीओ पर लिखी जाए रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बिसौली। पेपल गांव की गोशाला में पांच गोवंशों की मौत के बाद प्रशासन की कार्रवाई का असर दिखने लगा है। एसडीएम के निर्देश पर गोशाला ग्राम पंचायत को हैंडओवर करने के बाद प्रधान और सचिव ने व्यवस्थाएं दुरुस्त करानी शुरू कर दी हैं। ग्रामीणों ने तत्काल एक दिन के लिए भूसे की व्यवस्था की, जबकि ग्राम प्रधान और सचिव ने करीब 28 हजार रुपये का भूसा मंगाकर स्टॉक कर लिया है।
गोशाला में साफ-सफाई कराने के साथ पानी की टंकी और टिन शेड की मरम्मत कराई गई। पानी का टैंक भी रखवाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर जिम्मेदारी तय करें और तत्काल व्यवस्थाएं सुधारें, तभी इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकेगा। ग्रामीणों ने एनजीओ संचालक के खिलाफ पुलिस को पूर्व में प्रार्थना पत्र दिया था।
आरोप है कि अभी तक पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एसडीएम प्रियंका गोयल ने बताया कि गोशाला की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंप दी है। भूसा, हरा चारा, पानी और साफ सफाई की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है।
बारिश ने खोली गोशाला की बदइंतजामी की पोल, दलदल में खड़े मिले गोवंश
- गोशाला में 89 गोवंश, हरा चारा नदारद, सूखे भूसे के सहारे पशु
- 5 गोवंश रफियाबाद गोशाला भेजे गए, सबमर्सिबल और पंखे खराब, केयरटेकर भी गायब
संवाद न्यूज एजेंसी
कुंवरगांव। सालारपुर ब्लाॅक के बादल गांव स्थित गोवंश आश्रय स्थल में व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रहीं। सोमवार को गोशाला में जमा दलदल कुछ जगह से हटाकर खानापूरी की गई। मिट्टी हटाने के बाद मंगलवार को हुई बारिश ने एक बार फिर बदइंतजामी की पोल खोल दी। बारिश के बाद गोशाला परिसर में जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा हो गया।
हालात यह हैं कि गोवंशों को सूखी जगह तक नसीब नहीं हुई। वे दलदल के बीच खड़े नजर आए। एक गोवंश दलदल में बेसुध पड़ा मिला, जिसकी हालत बेहद खराब बताई जा रही हैै। उसे दो दिन बाद भी इलाज नहीं मिला है। गोशाला में मंगलवार को 89 गोवंश मौजूद थे, जिनमें 15 सांड़ हैं।
पांच गोवंशों को रफियाबाद स्थित गोशाला भेजा गया है। गोशालाओं में चारा डालने के लिए बनी नांद में आधे ही गोवंश सूखा भूसा खा रहे हैं। बाकी के गोवंश इधर-उधर घूमते नजर आए। ग्रामीणों ने बताया कि गोशाला में लगा सबमर्सिबल भी खराब पड़ा है। पानी की व्यवस्था के लिए पास के एक ग्रामीण के घर से पाइप डालकर पानी पहुंचाया जा रहा है। गोशाला में लगे पंखे भी खराब हैं। बारिश के बाद परिसर में फिर दलदल बनने से गोवंशों के लिए परेशानी और बढ़ गई है।
मौके पर मौजूद मिले पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव भूरियार ने बताया कि तीन गोवंशों का उपचार किया जा रहा है। गोशाला का केयरटेकर मौके पर नहीं मिला। गोशाला का संचालन करने वाली एनजीओ दानवीर जनकल्याण समिति का भी कोई प्रतिनिधि मौके पर मौजूद नहीं था। सोमवार को गोशाला में 9 मृत गोवंश मिलने और बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया था। अधिकारियों के निरीक्षण और व्यवस्थाएं सुधारने के दावों के बाद भी बारिश में हालात जस के तस बने हैं।
पेपल गांव की गोशाला में सफाई कराई गई है। बादल ग्राम पंचायत की गोशाला में कीचड़ हटाकर जगह को साफ कराया जा रहा है। एनजीओ के कर्मियों को गोशालाओं से हटा दिया गया है। अधिकारियों को गोशालाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही करने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। - प्रेम सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
बादल गोशाला में गोवंशों के सामने पड़ा सूखा भूसा। संवाद
बादल गोशाला में गोवंशों के सामने पड़ा सूखा भूसा। संवाद
बादल गोशाला में गोवंशों के सामने पड़ा सूखा भूसा। संवाद