बदायूं। जिले में वैक्सीन की बर्बादी का स्तर 1.85 फीसदी है तो दहगवां ब्लॉक में 11.29 फीसदी वैक्सीन बर्बाद हुई है। वैक्सीन की बर्बादी के मामले में टॉप- फाइव ब्लॉकों की सूची शासन को भेजी गई है। यहां अब वैक्सीन की बर्बादी रोकने के उपाय किए जाएंगे।
जिले में 15 ब्लॉक हैं। इन दिनों जिले में प्रतिदिन औसतन 150 से 200 स्थानों पर टीकाकरण किया जा रहा है। प्रतिदिन हर ब्लॉक में 15 से 20 स्थानों पर टीकाकरण कैंप लगाए जा रहे हैं। जिले में 12 से 14 और 15 से 17 आयु वर्ग में पहला और दूसरा टीका लगाया जा रहा है। 18 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में इन दिनों दूसरा टीका लगाया जा रहा है। इसके साथ ही 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में बूस्टर डोज देने का काम भी चल रहा है। 12 से 14 आयु वर्ग में कॉर्बीवैक्स वैक्सीन और दूसरे आयु वर्ग में कोवैक्सीन व कोविशील्ड दी जाती है।
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लोगों के न पहुंचने के कारण बर्बाद हो रही वैक्सीन
दरअसल, कोविशील्ड वैक्सीन की वायल खुलने के बाद उसे छह घंटे में उपयोग करना जरूरी होता है। अन्य दोनों वैक्सीन में यह समय चार घंटे का है। इन दिनों टीकाकरण केंद्रों पर कम संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। कॉर्बीवैक्स वैक्सीन की एक वायल में 20 और अन्य दोनों वैक्सीन में 10-10 डोज होती हैं। वैक्सीन की बर्बादी की बात करें तो दहगवां ब्लॉक में 11.29, आसफपुर में 6.50, उसावां में 4.77, म्याऊं में 4.34 और बिसौली में 4.26 फीसदी वैक्सीन खराब जा रही है।
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3.18 लाख लोगों का दूसरा टीका ओवरड्यू श्रेणी में
जिले में जिस तरह से लोगों को पहला टीका लगवाने को लेकर उत्साह दिखा था उस तरह से दूसरे टीके को लेकर उत्साह नहीं दिख रहा। समय निकलने के बाद भी 3.18 लाख लोगों ने दूसरा टीका नहीं लगवाया है। स्वास्थ्य विभाग ने इन 3.18 लोगों को ओवरड्यू की श्रेणी में शामिल किया है। दूसरी ओर बूस्टर डोज को लेकर भी लोग उदासीनता दिखा रहे हैं। दूसरा टीका लगवाने के लिए जिस संख्या में लोगों को टीकाकरण केंद्र पर पहुंचना चाहिए उस संख्या में लोग नहीं पहुंच रहे। वैक्सीन की बर्बादी का एक कारण यह भी है।
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सबसे अधिक वैक्सीन की बर्बादी दहगवां ब्लॉक में हुई है। जिले में पांच टॉप ब्लॉक चिह्नित करने के बाद इनके संबंध में रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। पूरे जिले की बात करें तो हमारे यहां वैक्सीन की वेस्टेज का स्तर 1.85 प्रतिशत है। दहगवां समेत पांच ब्लॉकों पर वैक्सीन की बर्बादी रोकने को लेकर फोकस किया जा रहा है।
-डॉ. मोहम्मद असलम, एसीएमओ/नोडल अधिकारी टीकाकरण