बदायूं। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रेखा रानी, रिटायर्ड स्टोर कीपर मोहम्मद अशरफ और मृतक आश्रित के रूप में नौकरी हासिल करने वाले अचल शर्मा के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (प्रशासन) डॉ. राजा गणपति आर ने उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है। बरेली मंडल के एडी हेल्थ डॉ. दीपक अहोरी को शासन स्तर से जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने जांच शुरू कर दी है। शिकायत विभाग के ही कर्मचारी ने साक्ष्यों के साथ शासन स्तर पर की थी। जिसमें भ्रष्टाचार, गबन और नियम विरुद्ध नियुक्ति जैसे गंभीर आरोप हैं।
जिला महिला अस्पताल में तैनात लिपिक वर्गीय कर्मचारी कृष्णपाल सिंह ने सीएमएस डॉ. रेखा रानी, रिटायर्ड स्टोर कीपर मोहम्मर अशरफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए शासन स्तर पर शिकायत की थी। शिकायत में कहा है कि मोहम्मद अशरफ 31 दिसंबर 2020 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसके बाद भी सीएमएस डॉ. रेखा रानी उनसे काम ले रही हैं। कोरोना काल में बजट का बंदरबांट किया गया।
कृष्णपाल सिंह ने महिला अस्पताल से किए गए भुगतान के बिल और बाउचरों के साथ कैशबुक, वेबिल आदि की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सीएमएस और रिटायर्ड स्टोर कीपर ने मिलकर वित्तीय अनियमितता की हैं। गबन का आरोप लगाते हुए सीएमएस और रिटायर्ड स्टोर कीपर से वसूली की मांग की गई है।
यह भी आरोप लगाया गया कि जिला महिला अस्पताल में अचल शर्मा को नियमों को दरकिनार करते हुए मृतक आश्रित में नौकरी दी गई है। अचल शर्मा के पिता सूरज शर्मा लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। अचल शर्मा की मां संतोष शर्मा जिला महिला अस्पताल में वार्ड आया के पद पर तैनात थीं। सेवाकाल के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके स्थान पर अचल शर्मा को मृतक आश्रित में नौकरी दी गई है। यह 2000 के शासनादेश का उल्लंघन है। शासनादेश के मुताबिक अगर पति-पत्नी दोनों सरकारी या अर्ध सरकारी विभाग में कार्यरत हैं तो मृतक आश्रित का लाभ नहीं दिया जाएगा।
निदेशक (प्रशासन) डॉ. राजा गणपति आर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एडी हेल्थ डॉ. दीपक अहोरी को जांच सौंपी है। एडी हेल्थ ने सीएमएस रेखा रानी, रिटायर्ड स्टोर कीपर मोहम्मद अशरफ और अचल शर्मा को बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में सीएमएस समेत अन्य लोगों से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई पर उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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जिला महिला अस्पताल बदायूं की सीएमएस डॉ. रेखा रानी, रिटायर्ड स्टोर कीपर समेत तीन लोगों के खिलाफ गबन, वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और गलत तरीके से मृतक आश्रित कोटा में नौकरी दिए जाने के मामले में शासन स्तर से जांच कराई जा रही है। तीनों का पक्ष मांगा गया है। जांच के बाद शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. दीपक अहोरी, एडी हेल्थ