बदायूं। नियमित टीकाकरण के मामले में जिला बुरी तरह से पिछड़ गया है। आशा वर्कर्स, एएनएम समेत स्वास्थ्य कर्मचारियों के कोरोना टीकाकरण में व्यस्त होने के कारण ऐसा हुआ है। मिशन इंद्रधनुष के तहत नियमित टीकाकरण में 20 हजार से ज्यादा बच्चों और साढ़े छह हजार से ज्यादा महिलाओं को टीका नहीं लगाया जा सका है। अब सात मार्च से इसके लिए विशेष अभियान शुरू किया जाएगा।
गर्भवती महिलाओं को टिटनेस और पांच वर्ष तक के बच्चों को डिप्थीरिया, बलगम, टिटनस, पोलियो, तपेदिक, खसरा तथा हेपिटाइटिस-बी बीमारियों से बचाने के लिए सात टीके लगाए जाते हैं। मातृ और शिशु मृत्यु दर पर नियंत्रण के लिए सरकार ने मिशन इंद्र धनुष चालू किया था। कोरोना काल से पहले तक मिशन इंद्र धनुष में बदायूं पहले स्थान पर था लेकिन कोरोना काल में जिला पिछड़ गया है। जिले में 20 हजार बच्चे और साढ़े छह हजार गर्भवती महिलाएं टीकाकरण से छूट गई हैं। ऐसे में इनके टीकाकरण के लिए सात मार्च से मिशन इंद्र धनुष शुरू किया जाएगा।
जिले में शत प्रतिशत टीकाकरण के लिए मिशन इंद्र धनुष अभियान तीन चरणों में चलाया जाएगा। पहला चरण सात मार्च से दूसरा चरण अप्रैल में और तीसरा मई में होगा। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने नोडल अधिकारी डॉ. अनिल शर्मा समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक में शत प्रतिशत टीकाकरण की तैयारियों की बुधवार को समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिए। संवाद