बदायूं। नवंबर आधा बीतने जा रहा है और सर्दी भी दस्तक देने लगी है। तापमान में लगातार गिरावट आ रही है लेकिन जिले में डेंगू का डंक कमजोर नहीं हो रहा। अब भी लगातार नए रोगी मिल रहे हैं। मरने वालों का सिलसिला भी जारी है। जिले में डेंगू को लेकर चिह्नित किए गए रेड जोन भी कम नहीं हो रहे हैं। अब भी जिले में सक्रिय रोगियों की संख्या 50 से ज्यादा है। कई गंभीर बीमारों का अब भी इलाज चल रहा है।
जिले में अक्तूबर मध्य से डेंगू का प्रकोप शुरू हुआ था। इससे पहले मलेरिया का व्यापक प्रकोप रहा। स्वास्थ्य विभाग ने एक सितंबर से डेंगू की जांच शुरू की, इससे पहले विभाग डेंगू की बात को नकारता रहा। इस दौरान प्रतिदिन मिलने वाले डेंगू के नए रोगियों की संख्या प्रतिदिन 38 तक पहुंच गई। शहर समेत जगत, दातागंज, समरेर, सालारपुर, उझानी और म्याऊ ब्लॉक में डेंगू का सबसे ज्यादा प्रकोप रहा। आमतौर पर तापमान कम होने के साथ डेंगू के मरीज मिलने बंद हो जाते हैं। इस बार अब तक डेंगू के नए मरीज मिलने के साथ ही डेंगू से मौतों का सिलसिला भी बंद नहीं हुआ है।
सरकारी के साथ निजी अस्पतालों में अब भी रोगियों की भीड़ लग रही है। जिला अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज में अब भी कई रोगियों का इलाज चल रहा है।
गौर करने वाली बात यह है कि ज्यादातर मौतें झोलाछाप के इलाज या फिर अवैध पैथोलॉजी लैब की जांच रिपोर्ट के आधार पर इलाज के कारण हुई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से झोलाछाप पर कार्रवाई नोटिस जारी करने के बाद उगाही तक ही सीमित है।
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आंकड़ों की बाजीगरी : स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में अब तक डेंगू से सिर्फ एक मौत..
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो इस बार जिले में अब तक डेंगू से सिर्फ एक जान गई है, जबकि जमीनी हकीकत इससे इतर है। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग ने निजी पैथोलॉजी लैब की रिपोर्ट को लगातार नकारा, काफी संख्या में ऐसे लोग हैं जिनको निजी लैब ने डेंगू की पुष्टि की थी और निजी अस्पताल में ही इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उझानी के बरामालदेव, बसोमा में तो डेंगू और बुखार का काफी प्रकोप रहा। डहरपुर, जगत, मूसाझाग, गुलड़िया में भी व्यापक प्रकोप रहा। सालारपुर के शेरगंज में भी कई लोगों की जान गई। गौर करने वाली बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग अब तक निजी लैब की रिपोर्ट को नकार रहा है।
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आठ दिन में गनगोला में चली गई चार लोगों की जान
दातागंज। ब्लॉक के गांव डहरपुर और गनगोला के साथ नगर के मोहल्ला परा में बुखार और डेंगू का व्यापक प्रकोप रहा। डहरपुर के साथ गनगोला में अब भी बुखार और डेंगू से मौतें हो रही हैं। गनगोला में आठ दिन में चार लोगों की मौत हो चुकी है। गांव के लाखन की 60 वर्षीय पत्नी गंगा देवी, सुजीत की 22 वर्षीय पत्नी शोभा, अवधेष की 20 वर्षीय बेटी रुचि की मौत के बाद शनिवार को महिपाल की 45 वर्षीय पत्नी सुनीता की भी मौत हो गई। सभी को निजी डॉक्टर ने डेंगू की पुष्टि की थी। संवाद
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डेंगू का प्रकोप तेजी से कम हो रहा है। पिछले दिनों के मुकाबले अब काफी कम रोगी मिल रहे हैं। तापमान में कुछ और गिरावट के बाद डेंगू का प्रकोप खत्म हो जाएगा। हालांकि, इसके बाद भी लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। अपने घरों के आस-पास पानी जमा न होने दें। मलेरिया और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। बुखार आने पर मलेरिया, डेंगू की जांच जरूरी है।
- डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ