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मलेरिया के 21 रोगी मिले, 10 को डेंगू जैसे लक्षण, एलाइजा जांच से होगी पुष्टि

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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती मरीज। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की ओर से मंगलवार को जिले में 23 स्थानों पर हेल्थ कैंप लगाकर बुखार पीड़ितों की जांच की गई। इस दौरान मलेरिया के 21 रोगी मिले। इनमें एक को जानलेवा फैल्सीपेरम की पुष्टि हुई है। इधर, जिले में 10 ऐसे मरीज भी मिले हैं जिनको डेंगू जैसे लक्षण हैं। पुष्टि के लिए इनका एलाइजा सैंपल लिया गया है। बरेली व अन्य शहरों की प्राइवेट लैब की जांच के लिहाज से डेंगू व मलेरिया पीड़ितों की संख्या ज्यादा होने का तर्क भी दिया जा रहा है पर विभाग इसे स्वीकार नहीं कर रहा।
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मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से बदायूं के समरेर, सालारपुर, जगत और दातागंज ब्लॉक के 200 से ज्यादा गांव हाईरिस्क श्रेणी में हैं। वर्ष 2019 और 2020 में यहां मलेरिया का व्यापक प्रकोप रहा। 2019 में मच्छरजनित बीमारियों से जिले में 315 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। पिछले वर्षों के मुकाबल इस वर्ष मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप कुछ कम है।
मरने वालों की बात करें तो सालारपुर ब्लॉक के गांव शेरगंज के एक बुजुर्ग की अब तक मलेरिया से मौत हुई है। दहगवां और जगत ब्लॉक में अब तक डेंगू के दो रोगी मिले हैं। हालांकि, अधिकारी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा कर रहे हैं, लेकिन मलेरिया और डेंगू के रोगियों के लिए बनाए जिला अस्पताल के वार्ड की दशा खराब है।
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डेंगू के लक्षण और बचाव
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एससी नौगरैया के मुताबिक डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर से फैलता है। इसमें तेज सिर दर्द के साथ बुखार आता है। मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंखों में दर्द होना जी मिचलाने के साथ उल्टियां हो सकती हैं। नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आने के साथ त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ जाते हैं। मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी है कि घर के आस-पास पानी जमा न होने दें। मादा एडीज इजिप्टी मच्छर का लार्वा ज्यादातर घर के गमलों, कुलर, फ्रिज की ट्रे आदि में भरे साफ पानी में पनपता है। सावधानी बरतें अगर घर के आस-पास जलभराव है तो उसमें जला हुआ मोबिल ऑयल या फिर मिट्टी का तेल डालें। इससे लार्वा नहीं पनपेगा।
फैक्ट फाइल 28 सितंबर 2021
कुल जांच- 2094
हेल्थ कैंप- 23
मलेरिया के कुल रोगी- 21
पीवी मलेरिया- 20
फैल्सीपेमर-01
डेंगू/मलेरिया आरक्षित बेड-120
डीडीटी छिड़काव-35 गांव
लार्वा मिला- 40 स्थान
सक्रिय रोगियों की संख्या- 146
सक्रिय फैल्सीपेरम-12
डेंगू रोगी- 02
अब तक जांच- 109872
अब तक मिले कुल रोगी-1191
इस वर्ष जिले में मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप पिछले वर्षों के मुकाबले काफी कम है। जहां भी बुखार के प्रकोप संबंधी सूचना मिल रही है वहां कैंप लगाकर लोगों की जांच कराई जा रही है। अब तक मच्छरजनित बीमारियों से इस वर्ष कोई मौत नहीं हुई है। डेंगू का खतरा बना हुआ है लेकिन इससे निपटने के भी पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं।
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- डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ
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