महिला अस्पताल के स्पेशल न्यू बॉर्न चिल्ड्रन यूनिट (एसएनसीयू) में संक्रमण फैलने से बीते 20 दिन में 18 बच्चों की मौत हो गई। इतने दिनों में स्वास्थ्य विभाग यह भी पता नहीं लगा सका है कि आखिर संक्रमण कौन सा है। इतनी मौत के बावजूद संक्रमण की रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।
अब मामला गंभीर होता देख चिकित्सकों ने इसका पता लगाने के लिए माइक्रो बायोलॉजिकल सर्वे की सख्त जरूरत बताई है, मगर यह जल्द हो पाना मुश्किल है। एसएनसीयू में करीब एक माह पहले संक्रमण फैला था। इसके बाद 20 दिन पहले फ्यूमिगेशन कराया गया था।
पूरे एसएनसीयू की साफ-सफाई कराई गई थी। साथ ही स्टाफ को एहतियात बरतने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद संक्रमण पर काबू नहीं पाया जा सका और न ही फ्यूमिगेशन का कोई लाभ हुआ।
एसएनसीयू में संक्रमण के कारण 15 जुलाई से अब तक 18 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस समय एसएनसीयू में भर्ती बच्चों को भी खतरा है। इससे अभिभावकों में दहशत है तो वहीं एसएनसीयू के डॉक्टर भी डर गए हैं।
उन्होंने माइक्रो बायोलॉजिकल सर्वे कराने की मांग की है ताकि पता लग सके कि एसएनसीयू में कौन सा संक्रमण है। इसके लिए चिकित्सकों ने विभागीय और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखा है।
माइक्रो बायोलॉजिकल सर्वे कराया जाएगा। इससे पता चल जाएगा कि कौन सा संक्रमण फैला है। इसके लिए अभी बजट नहीं है। हमने बजट की मांग की है। बजट मिलते ही सर्वे करा दिया जाएगा-
डॉ. रेखा रानी, सीएमएस महिला अस्पताल