बदायूं। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेजी से चल रहीं हैं। एक्सप्रेस-वे के लिए चार तहसीलों के 85 गांवों में भूमि अधिग्रहण का काम 95 फीसदी से ज्यादा पूरा हो चुका है। बिसौली और दातागंज तहसील में कुछ भूमि का अधिग्रहण बाकी है। इस भूमि का अधिग्रहण धारा 11 के तहत करने की प्रक्रिया चल रही है। वन विभाग ने भी एक्सप्रेस-वे की राह में आने वाले वृक्षों के कटान की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति मांगी गई है।
गंगा एक्सप्रेस-वे बिसौली के 38, दातागंज के 27, बदायूं के 18 और बिल्सी के दो गांवों से होकर गुजरेगा। छह लेन चौड़ा और आठ लेन में विस्तारित यह एक्सप्रेस-वे बदायूं में करीब 95 किमी दूरी तय करेगा। इसके लिए जिले में 1059.3538 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। एक्सप्रेस-वे मुरादाबाद-फर्रुखाबाद और बरेली-मथुरा हाईवे को भी पार करेगा। हाईवे किनारे आने वाले एक हजार हरे वृक्षों की सूची वन विभाग ने बना ली है।
इन वृक्षों के कटान के लिए अब केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय की अनुमति का इंतजार है। अनुमति मिलने के बाद वन विभाग इन वृक्षों का कटान शुरू करा देगा।
दूसरी जो निजी भूमि एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहीत की गई है उस भूमि पर लगे वृक्षों का कटान किसानों को ही करना होगा। इसके लिए वन विभाग से परमिट लेना जरूरी होगा। वृक्षों के कटान के लिए वन विभाग प्राथमिकता के आधार पर परमिट जारी करेगा। पावर कॉरपोरेशन ने एक्सप्रेस-वे की राह में आने वाली लाइनों को शिफ्ट करने का काम पहले ही चालू कर दिया है। उम्मीद है कि अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष में एक्सप्रेस-वे का काम चालू हो जाएगा।
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एक्सप्रेस-वे बदायूं में 95 किमी की दूरी तय करेगा। अधिग्रहीत की गई निजी भूमि के वृक्षों का कटान किसान करेंगे। वन भूमि पर करीब एक हजार वृक्ष चिह्नित किए गए हैं। इनके कटान की अनुमति केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय से मांगी गई है।
-अशोक कुमार सिंह, डीएफओ