बदायूं। गंगा में नरौरा बैराज से बुधवार को एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया। ऐसे में हालात संवेदनशील हो गए हैं। सहसवान और उसहैत के 10 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कई स्थानों पर गंगा तेजी से कटान कर रही हैं। बुधवार को कछला में खतरे के निशान पर गंगा का मीटर गेज 162.250 दर्ज किया गया। कछला में मीटरगेज पर खतरे का निशान 162 सेमी पर है।
अगस्त के अंतिम और सितंबर के पहले सप्ताह में गंगा लगातार खतरे के निशान के ऊपर थी। इसके बाद से जलस्तर खतरे के निशान के नीचे आ गया। हाल ही में पहाड़ों और मैदानी इलाकों में भारी बारिश के कारण हालात फिर से खराब होने लगे हैं। मंगलवार को नरौरा बैराज से गंगा में 31 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। बुधवार को नरौरा से एक दिन में 106320 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके साथ ही बिजनौर से 264737 ओर हरिद्वार से 156381 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बिजनौर से छोड़ा गया पानी बृहस्पतिवार शाम तक सहसवान से जिले की सीमा में प्रवेश करता हुआ उसहैत पहुंच जाएगा। अगर गंगा में एक साथ दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आता है तो हालात बेहद खराब होने की आशंका है।
बृहस्पतिवार को गंगा में बुधवार के मुकाबले ज्यादा पानी आने की आशंका के मद्देनजर अलर्ट कर दिया गया है। उसहैत, गंगा-महावा ओर नगला अजमेरी बांधों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। उसहैत और गंगा-महावा बांध को संवेदनशील घोषित कर दिया गया है। बाढ़ खंड के साथ राजस्व टीमें भी गंगा के रुख पर नजर बनाए हुए हैं।
सैकड़ों बीघा जमीन जलमग्न, कई स्थानों पर कटान
गंगा में उफान के कारण उसहैत और सहसवान में हालात संवेदनशील हो रहे हैं। उसहैत बांध को अतिसंवेदनशील श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। इसके साथ ही नगला अजमेरी और गंगा-महावा बांध पर हालात संवेदनशील बने हुए हैं। सहसवान के गांव तेलिया नगला, कोतल नगला, आसे नगला, तोफी नगला में काफी जमीन जलमग्न हो गई है। खिरकवारी, मानपुर पुख्ता में भी तेजी से कटान हो रहा है। उसहैत के जटा, प्रेमी नगला, ठकुरी नगला, कमलैयापुर, जसवंत नगला, अहमद नगर बछौरा, दल नगला, कदम नगला और रहपुरा में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। यहां अहमदनगर बछौरा, जसवंत नगला समेत कई गांवों में कटान भी हो रहा है।
बाढ़ की आशंका में अधिकारी तैनात, एसडीएम ने लिया जायजा
बदायूं। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते मैदानी क्षेत्रों में नदियों में जलस्तर बढ़ने लगा है। इसको ध्यान में रखते हुए डीएम दीपा रंजन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बाढ़ की आशंका वाले संबंधित क्षेत्रों का जायजा लगातार लेते रहें। इसको ध्यान में रखते हुए एसडीएम सदर लाल बहादुर सिंह ने गंगा नदी के किनारों के गांवों का जायजा लिया। साथ ही लोगों से कहा कि वे गंगा की तरफ न जाएं। संवाद
गंगा में नरौरा बैराज से बुधवार को एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। गंगा ने खतरे का निशान पार कर दिया है। बृहस्पतिवार को इससे भी ज्यादा पानी आने की आशंका के मद्देनजर अलर्ट रखा गया है। बांधों पर जहां भी हालात संवेदनशील हैं वहां निगरानी की जा रही है। कुछ स्थानों पर कटान हो रहा है। तटवर्ती इलाकों में लोगों को सावधानी के लिए कहा गया है। लगातार निगरानी की जा रही है। -नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड