जामा मस्जिद के मुकदमे में कोर्ट जाते हिंदू पक्ष के वकील। संवाद
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बदायूं। शहर की जामा मस्जिद के मुकदमे में सोमवार को सुनवाई हुई, लेकिन वकीलों की हड़ताल के चलते ज्यादा काम नहीं हुआ। अब तक इस मुकदमे में दो पक्षकार अपना जवाब दाखिल कर चुके हैं, लेकिन चार पक्षकारों ने जवाब दाखिल नहीं किया है। अब न्यायालय की ओर से गजट कराने की तैयारी शुरू कर दी है। अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी।
जामा मस्जिद का यह मुकदमा सिविल जज (सीनियर डिवीजन) विजय कुमार गुप्ता की अदालत में विचाराधीन है। पिछली सुनवाई पर हिंदू महासभा के वकील वेदप्रकाश साहू और विवेक रैंडर आदि ने डीएम के अधिवक्ता के जवाब पर एतराज दाखिल किया था। उन्होंने दावा किया था कि जामा मस्जिद के अंदर मंदिर था। मंदिर तोड़कर इस पर अवैध कब्जा कर लिया गया था। बाद में इसको जामा मस्जिद नाम दे दिया गया। 21 अक्तूबर को जवाब और एतराज पर बहस होनी थी, लेकिन समय के अभाव में बहस नहीं हो पाई।
सात नवंबर को ककोड़ा मेला के चलते वकीलों की हड़ताल हो गई। इससे मुकदमे में ज्यादा काम नहीं हो पाया। हालांकि हिंदू महासभा और इंतजामिया कमेटी के अधिवक्ता और पैरोकार अपने समय पर न्यायालय पहुंचे। इस दौरान शासकीय अधिवक्ता ने एतराज का जवाब दाखिल किया। वकील वेदप्रकाश साहू ने बताया कि इस जवाब में भी उन्होंने यह कहा है कि मुकदमा चलने योग्य नहीं है।
उन्होंने बताया कि इस मुकदमे में छह पक्षकार बनाए गए हैं, जिनमें इंतजामिया कमेटी और डीएम की ओर से अधिवक्ता का जवाब आ गया है, लेकिन अभी यूनियन ऑफ इंडिया, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड, पुरातत्व विभाग और उत्तर प्रदेश शासन, द्वारा प्रमुख सचिव का जवाब नहीं आया है। इससे समाचार पत्र में गजट कराया जा रहा है। उसमें चारों पक्षकारों के नाम गजट होगा। इसकी सुनवाई के लिए 29 नवंबर तारीख लगा दी गई है। तब तक समाचार पत्र में गजट प्रकाशित करा दिया जाएगा। फिलहाल समाचार पत्र के खर्चे का विवरण मांगा गया।