बदायूं। शहर में बिजली उपकेंद्रों पर बढ़ रहे लोड को कम करने के लिए चार नए उपकेंद्र बनाए जाएंगे। इसके लिए पावर कॉरपोरेशन ने जमीन की तलाश शुरू कर दी है। यह नए उपकेंद्र छोटी ज्यारत, राजकीय मेडिकल कॉलेज, दातागंज तिराहा और नरऊ खुर्द के आसपास बनाए जाएंगे। चार नए उपकेंद्र बनने के बाद पनबड़िया, ढाक वाली ज्यारत, मीरा सराय और मीरा जी चौकी उपकेंद्रों का भार कम होगा। शहर में ओवरलोड़िग की समस्या नहीं रहेगी। इसके साथ ही एक 33 केवीए लाइन का अतिरिक्त फीडर भी बनाया जाएगा।
शहर में बिजली सप्लाई मीराजी चौकी, ढाक वाली ज्यारत, नवादा , कचहरी, कोतवाली और पनबड़िया उपकेंद्रों से होती है। सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा फीडर का उपकेंद्र मीरा जी चौकी है। इन सभी उपकेंद्रों पर अतिरिक्त लोड के कारण समस्या होती है। ज्यादातर उपकेंद्रों की हालत ऐसी है कि यहां क्षमता में इजाफा भी नहीं किया जा सकता। सीमित स्थान होने के कारण अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने के लिए जगह भी नहीं है। इसके साथ ही शहर में सप्लाई के लिए 33 केवीए की एक ही लाइन है। अगर इसमें कभी कोई समस्या आती है तो सभी उपकेंद्रों पर शट्डाउन लेना पड़ता है। शहर को सप्लाई देने वाले सभी उपकेंद्र ओवर लोड हैं। कई वर्ष से इनकी क्षमता में भी इजाफा नहीं किया गया है।
पावर कॉरपोरेशन ने ओवर लोडिंग की इस समस्या के मद्देनजर चार नए उपकेंद्र बनाकर पुराने उपकेंद्रों से लोड कम करने की तैयारी कर ली है। इसके साथ ही 33 केवीए के अतिरिक्त फीडर की भी व्यवस्था की गई है। अब तक नवादा 33 केवीए में जब भी कोई तकनीकी खराबी आती है तो लाइन क्रॉस के कारण पूरे शहर की बिजली ठप हो जाती है। चार नए उपकेंद्रों के साथ 33 केवीए की नई लाइन से यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। इससे शहर के साथ जिले केेे भी बिजली कटौती से काफी राहत मिल सकेगी।
पांच साल की योजना बनाकर तैयार किया गया डीपीआर
शहर में लगातार बढ़ रहे लोड को देखते हुए पावर कॉरपोरेशन ने अगले पांच साल की योजना बनाकर डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैैयार की है। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि चार नए उपकेंद्र बनने के बाद अगले पांच साल तक शहर में ओवर लोडिंग जैसी कोई समस्या नहीं रहेगी। मौजूदा उपकेंद्रों का लोड नए उपकेंद्रों पर ट्रांसफर करने के साथ ही शहर की सप्लाई को इस तरह से जोड़ा जाएगा कि अगर कभी कोई उपकेंद्र ठप होता है तब भी शहर में बिजली कटौती की समस्या न हो।
शहर में चार नए बिजली उपकेंद्र बनाए जाने हैं। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। यह उपकेंद्र छोटी ज्यारत, राजकीय मेडिकल कॉलेज, दातागंज तिराहा और नरऊ खुर्द में बनाए जाएंगे। नए उपकेंद्र बनने के बाद शहर में ओवरलोडिंग की समस्या खत्म हो जाएगी। 33 केवीए की नई लाइन का काम भी होना है। पावर कॉरपोरेशन ने पांच साल की योजना बनाई है।
-प्रवेश कुमार, एक्सईएन विद्युत वितरण खंड प्रथम