बदायूं। शहरी, ग्रामीण व कृषि फीडरों को शेड्यूल के हिसाब से विद्युत आपूर्ति नहीं मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे व कृषि फीडरों को सात घंटे आपूर्ति का दावा फेल हो गया है। ग्रामीण उपभोक्ताओं को आठ घंटे व कृषि फीडरों को दो से तीन घंटे आपूर्ति मिल रही है। इससे फसलें सूखने की कगार पर है।
जिले में 3,24,196 विद्युत उपभोक्ता है। इनमें दो लाख उपभोक्ता देहात क्षेत्र के विद्युत वितरण खंड द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ के है। विद्युत निगम की ओर से शहर व कस्बे के लिए साढ़े 21 घंटे, देहात के लिए 18 घंटे व कृषि फीडर के लिए सात घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर बनाया है, लेकिन दातागंज, ओरछी, सहसवान, बिल्सी, बिसौली, कादरचौक सहित अन्य क्षेत्रों में चार से आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। ऐसे में किसान खेतों में खड़ी फसलों पर पानी नहीं लगा पा रहा है। फसल सूखने के कगार हैं। कृषि फीडरों से दो से तीन घंटे की आपूर्ति दी जा रही हैं। उसमें भी ट्रिपिंग की समस्या रहती है। किसानों का कहना है कि रोस्टिंग के नाम पर अघोषित कटौती हो रही है। नलकूपों पर ठीक से आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
- गर्मी में विद्युत आपूर्ति कम हो गई है। इससे फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। निजी नलकूपों से सिंचाई कराने पर जेब पर बोझ पड़ता है। सरकार को किसानों के हित में कृषि फीडरों पर 12 घंटे विद्युत आपूर्ति दी जानी चाहिए। राजेंद्र सिंह, दिसौली गांव
- दो घंंटे भी विद्युत आपूर्ति नहीं मिल रहीं है। मक्का फसल की सिंचाई के लिए मजदूरों को ले जाते हैं तो खेत पर पहुंचने के बाद केवल दो से तीन बीघा की सिंचाई हो पा रही है। अधिकारियों से शिकायत करने पर फोन नहीं उठता है। - वीरेंद्र यादव, बंजरिया गांव
- देहात क्षेत्र में 18 घंटे व नलकूपों के लिए सात घंटे विद्युत आपूर्ति का शेड्यूल है। ओवरलोडिंग व लोकल फॉल्ट रोकने के लिए समय-समय पर विद्युत कटौती की जाती है। - नरेंद्र चौधरी, अधिशासी अभियंता बिसौली खंड
वीरेंद्र यादव, किसान