बदायूं। बिजली उत्पादन इकाइयों में कोयले की कमी के कारण बिजली उत्पादन प्रभावित होने का असर यहां भी दिखने लगा है। मुख्यालय से लेकर गांव-देहात तक बिजली सप्लाई लड़खड़ा गई है। शेड्यूल के मुताबिक सप्लाई नहीं हो पा रही। बिजली उत्पादन प्रभावित होने से पारेषण और ट्रांसमिशन के शेड्यूल पर भी असर पड़ा है। ऐसे में कटौती बढ़ गई है।
पिछले कुछ दिनों से जिले के साथ तहसील मुख्यालयों को भी ठीक-ठाक बिजली सप्लाई मिल रही थी। जिले में चार विद्युत वितरण खंड हैं। दातागंज के तहत आने वाले विद्युत वितरण खंड द्वितीय और बिसौली के तृतीय खंड के बिजली उपकेंद्रों पर ओवरलोडिंग के कारण समस्या थी, लेकिन प्रथम और चतुर्थ खंड में सप्लाई ठीक मिल रही थी।
यहां बता दें कि एक अनुमान के अनुसार जिले के चारो खंडों में हर माह करीब 120 मिलियन यूनिट बिजली की खपत होती है। देहात में 18 और मुख्यालय पर 22 घंटे बिजली सप्लाई का शेड्यूल है। हाल के दिनों में शेड्यूल पटरी से उतर गया है। सबसे ज्यादा समस्या दातागंज और बिसौली खंड में है। इन दिनों मुख्यालय पर भी कटौती शुरू हो गई है। तहसील मुख्यालयों की बात करें तो वहां भी सात से आठ घंटे की कटौती हो रही है। गांव-देहात में इससे भी बुरा हाल है।
अधिकारी भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि इन दिनों मांग के अनुरूप बिजली न मिलने के कारण कटौती का कुछ समय बढ़ाया गया है। आने वाले दिनों में सुधार होगा। जिले में कई नए बिजली उपकेंद्र प्रस्तावित हैं इसके साथ कई केंद्रों की क्षमता में भी इजाफा किया जा रहा है।
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क्षमता में इजाफा होने के बाद भी डहरपुर फीडर में सुधार नहीं
दातागंज। विद्युत वितरण खंड द्वितीय दातागंज के समरेर, डहरपुर समेत कई फीडरों पर ओवरलोडिंग की समस्या बनी हुई है। हाल ही में डहरपुर फीडर के लिए सप्लाई देने वाले उपकेंद्र की क्षमता में इजाफा कर दिया गया है। यहां पांच के स्थान पर 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है। इसके बाद भी इलाके की बिजली कटौती और लो वोल्टेड की समस्या दूर नहीं हो सकी है। समरेर फीडर पर भी इसी तरह की समस्या बनी हुई है। संवाद
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बिल्सी में पांच-छह घंटे ही मिल रही बिजली
बिल्सी। नगर समेत देहात में बिजली संकट गहरा गया है। नगर में बमुश्किल पांच से छह घंटे बिजली सप्लाई मिल पा रही है। रात में होने वाली कटौती से ज्यादा समस्या हो रही है। इस कारण लोगों में रोष पनप रहा है। नगर के मोहल्ला नंबर दो के कमलेश शर्मा, केके माहेश्वरी, ललतेश शर्मा, वसीम अकरम, अंशुल माथुर, सोनू माथुर आदि का कहना है कि इन दिनों रात में नौ से एक बजे तक अघोषित कटौती हो रही है। दिन में भी बिजली नहीं मिल रही। संवाद
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आसफपुर का करेंगी फीडर बना बड़ी समस्या
दबतोरी। आसफपुर का करेंगी फीडर सबसे लंबा फीडर है। यहां ललुआ नगला में बिजली उपकेंद्र भी प्रस्तावित है। अब तक इस उपकेंद्र का निर्माण हो जाना चाहिए था, लेकिन जमीन न मिलने के कारण काम लटका हुआ है। आसफपुर उपकेंद्र से निकलने वाले करेंगी फीडर से 150 से ज्यादा गांव जुड़े है। यहां लोकल फाल्ट और लो वोल्टेज बड़ी समस्या हैं। इसके साथ ही जर्जर लाइनों के कारण हादसे भी होते रहते हैं।
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उपभोक्ताओं की बात
इन दिनों बिजली कटौती बढ़ गई है। पिछले दिनों बिजली सप्लाई में कुछ सुधार हुआ था। दातागंज को एक महीने के लिए कटौती मुक्त भी किया गया था, लेकिन अब फिर से समस्या है।
-डालचंद्र, दातागंज
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नगर से लेकर देहात तक बिजली कटौती हो रही है। कई बार कहा जाता है कि नया बिजली उपकेंद्र बनने के बाद सप्लाई में सुधार होगा, लेकिन यह दावे पूरे नहीं होते ऐसे में समस्या बनी हुई है।
- सचिन गुप्ता, दातागंज
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आसफपुर बिजली उपकेंद्र का करेंगी फीडर तो पहले से ही समस्याग्रस्त है। इन दिनों बिजली कटौती और बढ़ गई है। क्षेत्र में बमुश्किल चार से पांच घंटे ही बिजली सप्लाई मिल पा रही है।
-वसीम अहमद, संग्रामपुर
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दबतोरी क्षेत्र में सप्लाई पूरी तरह ठप है नाममात्र को बिजली आपूर्ति हो रही है। इन दिनों बिजली कटौती ने रिकार्ड तोड़ दिया है। किसानों के साथ बिजली न मिलने के कारण आम आदमी भी परेशान है।
-सत्यवीर यादव, दबतोरी
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मांग और आपूर्ति में अंतर पैदा होने के कारण कुछ स्थानों पर बिजली कटौती हो रही है। शहरी इलाकों में शेड्यूल के अनुसार सप्लाई हो रही है। अगर कहीं पर कोई लोकल फाल्ट या अन्य समस्या के कारण कटौती हो रही है तो उसे दिखवा कर ठीक कराया जाएगा।
- दीपक कुमार, अधीक्षक अभियंता