बदायूं। जिला अस्पताल में अब जल्द ही डायलिसिस सेंटर का विस्तार शुरू होने जा रहा है। इससे मरीजों को बाहर जिले में नहीं जाना होगा। अब तक यहां एक दिन में तीन से चार मरीजों की ही डायलिसिस हो पा रही थी, लेकिन विस्तार के बाद यहां एक दिन में 14 मरीजों को सुविधा मिल सकेगी। यहां बता दें कि नए भवन के हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जनवरी के पहले सप्ताह में नए भवन में डायलिसिस सेंटर के शिफ्ट होने की उम्मीद है, जिसके बाद मरीजों को इधर-उधर भागना नहीं पड़ेगा।
ऐसे रोगी, जिन्हें डायलिसिस की जरूरत है, उनके लिए यह खबर राहत देने वाली है। उन्हें अब बरेली, आगरा या दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। जिला अस्पताल में ही उन्हें यह सुविधा मुफ्त मिल जाएगी। सितंबर 2023 से यहां सुविधा मिलने लगी थी, लेकिन मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए कई-कई दिन इंतजार करना पड़ता था।
इसकी वजह जिला अस्पताल की अस्थायी बिल्डिंग में मात्र तीन डायलिसिस मशीनें होना है। ऐसे में एक दिन में मात्र तीन से चार मरीजों की ही डायलिसिस संभव हो पा रही थी, जबकि मरीजों की संख्या काफी अधिक है। लगभग रोजाना ही छह से सात मरीज अपने डायलिसिस का समय आने का इंतजार करते हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों को बरेली, दिल्ली या फिर अलीगढ़ जाकर डायलिसिस करानी पड़ती थी, लेकिन अब जल्द ही मरीजों का इंतजार खत्म हो जाएगा। नए साल में 14 मशीनें लगाकर डायलिसिस सेंटर का विस्तार किया जाएगा।
जिले में 30 मरीज पंजीकृत, एक दिन में हो रहीं तीन डायलिसिस
जिले में किडनी संबंधी रोगियों की संख्या 30 है, जो दिल्ली, बरेली या नोएडा जाकर डायलिसिस कराते हैं। यहां जिला अस्पताल में छोटा सेंटर एक साल पहले शुरू हुआ तो कुछ सहूलियत मरीजों को मिलने लगी। रोग के अनुसार सप्ताह में एक बार तो कई बार मरीजों को सप्ताह में दो बार तक डायलिसिस करानी पड़ती है। डायलिसिस कराने वाले शहर के एक व्यक्ति के परिजनों के अनुसार, निजी अस्पताल में एक बार की डायलिसिस पर करीब चार हजार रुपये का खर्च आता है। बाहर आने-जाने और रुकने का खर्च अलग होता है। अब मरीजों को जिला अस्पताल में निर्बाध सुविधा मिलेगी।
जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट का विस्तार होना है। इसके बाद जिले के मरीजों को बाहर जाकर डायलिसिस नहीं करानी पड़ेगी। अब भी तीन मरीजों की एक दिन में डायलिसिस हो रही है। नए साल में रोजाना 12 से 14 मरीजों की डायलिसिस संभव हो सकेगी। - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस