मालवीय आवास पर धरना देते शेखूपुर मिल के रिटायर्ड कर्मचारी। संवाद
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बदायूं। फंड, ग्रेच्युटी समेत अन्य देयकों के भुगतान की मांग को लेकर शेखूपुुर चीनी मिल के रिटायर्ड कर्मचारियों का मालवीय आवास पर धरना सोमवार को 183 वें दिन भी जारी रहा। रविवार को हार्ट अटैक से एक और साथी की मौत के बाद रिटायर्ड कर्मचारियों में गुस्सा है। एक रिटायर्ड कर्मचारी की मौत तीन अप्रैल को भी आर्थिक तंगी के कारण इलाज के अभाव में हो गई थी। अब तक पांच रिटायर्ड कर्मचारी दम तोड़ चुके हैं।
शेखूपुर मिल के सौ से ज्यादा ऐसे रिटायर्ड कर्मचारी हैं जिनको सेवानिवृत्ति के तीन से चार साल बाद भी भुगतान नहीं हो सका है। कर्मचारी लगातार आंदोलित हैं और मिल प्रशासन भुगतान नहीं कर रहा। रविवार को शेखूपुर निवासी रिटायर्ड कर्मचारी 65 वर्षीय रहीसउद्दीन की मौत हो गई। वह कई दिन से बीमार चल रहे थे। रविवार को उनकी मौत हो गई। इससे पहले तीन अप्रैल को लालपुल जोशी मोहल्ला निवासी 64 वर्षीय लालचंद्र कश्यप की मौत हो गई थी। वह चार साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। अप्रैल 2011 में वेद प्रकाश गुप्ता विषाक्त खाकर खुदकुशी कर चुके हैं। जून 2015 में लक्ष्मण प्रसाद नाम के कर्मचारी की धरनास्थल पर हार्टअटैक से मौत हो गई थी। नौ मार्च 2016 को लैब केमिस्ट उमेश तिवारी ने मिल में खुद को गोली मारकर जान दे दी थी। उनकी बेटी की शादी 17 मार्च को थी और मिल से उनको भुगतान नहीं मिल रहा था। छह सितंबर 2021 को इस्लामियां इंटर कॉलेज के पास रहने वाले मिल के रिटायर्ड समयपाल धीर सिंह की इलाज के अभाव में हार्ट अटैक से जान चली गई। 23 नवंबर 2021 को नेकपुर गली नंबर एक में रहने वाले हेतराम की इलाज के अभाव में मौत हो गई। इन कर्मचारियों की मौत के बाद ही बकाया भुगतान हो सका।
सोमवार को धरने पर मुन्नी देवी, रक्षपाल, सियाराम, ओमभान सिंह, श्यामपाल, ईद मोहम्मद, तोताराम, रघुवीर, कृष्णपाल, रूपराम आदि रिटायर्ड कर्मचारी बैठे। मिल के जीएम राजीव कुमार रस्तोगी का कहना है कि फेडरेशन के स्तर पर भुगतान में देरी हो रही है। कर्मचारियों को जल्द भुगतान के लिए मिल प्रशासन हर संभव कोशिश कर रहा है।