बदायूं। पावर कारपोरेशन में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्य कर रहे संविदा कर्मचारियों ने केंद्रीय यूनिट के आह्वान पर उप्र पावर कारपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के तत्वावधान में अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। साथ ही प्रदेश सरकार और कारपोरेशन प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरना प्रदर्शन की भनक लगते ही अधीक्षण अभियंता अपने कार्यालय से चले गए।
संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हर्षवर्धन ने कहा कि प्रदेश सरकार व पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन, नीतियों का उल्लंघन कर नियमित प्रकार के कार्यों में ठेकेदारी प्रथा के तहत कार्य करा रहा है जो श्रम कानूनों का उल्लंघन है, उन्होंने कहा कि भाजपा की प्रदेश सरकार अगर 2022 के चुनाव से पहले विद्युत संविदा कर्मचारियों के हित में कोई फैसला नहीं लेती है तो आने वाले 2022 के विधानसभा चुनाव में पूरे प्रदेश के विद्युत संविदा कर्मचारी वोट की चोट करके सरकार को जवाब देने का काम करेंगे।
प्रदेश संगठन मंत्री हरीश चंद्र यादव ने कहा कि भाजपा ने विद्युत संविदा कर्मचारियों के साथ धोखा किया है क्योंकि वर्ष 2016 में तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ के झूलेलाल पार्क में संविदा कर्मचारियों की एक रैली को संबोधित करते हुए वादा किया था कि भाजपा सरकार बनती है तो तीन महीने के अंदर सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित कर दिया जाएगा, नेता आज तक अपने वादे पर खरे नहीं उतरे।
धरना प्रदर्शन को जिलाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार सिंह, जिला कोषाध्यक्ष प्रेमपाल प्रजापति, जिला उपाध्यक्ष विपिन कुमार, जिला मीडिया प्रभारी राकेश कुमार सागर ने संबोधित किया। कहा कि अगर 28 सितंबर तक समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो 29 सितंबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा। धरना प्रदर्शन में राजीव कुमार यादव, सुरेश चंद्र पाल, सतपाल शर्मा, हरेंद्र सिंह शाक्य, कुंवरपाल शर्मा, पवन राठौड़, विवेक राठौर, मुसब्बर अली, ग्लैडविन, वीरपाल सिंह यादव, संजू श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।